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ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने में वन भूमि का पेंच
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Fri, 02 Feb 2018 10:52 PM IST
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प्रस्तावित ट्रंचिंग मैदान।
- फोटो : अमर उजाला
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पूरे देश में स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चल रहा है पर अल्मोड़ा शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए अब तक ट्रंचिंग ग्राउंड सपना ही बना है। शहर का कूड़ा पिथौरागढ़ मार्ग पर मृग विहार से कुछ दूरी पर खुले में डाला जाता है। इसी के समीप ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चयनित की गई है पर वन भूमि के अड़ंगे के चलते ट्रंचिंग ग्राउंड वजूद में नहीं आ सका है।
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नगर पालिका परिषद के पास शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा है। हर रोज शहर के मोहल्लों से पालिका परिषद द्वारा कूड़ा इकट्ठा कर वाहनों के जरिए करीब पांच किमी दूर मृग बिहार के समीप सड़क के किनारे खुले में डाला जाता है।
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शहर से करीब छह से सात टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है पर यहां पर कूड़े के निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। खुले में ही कूड़ा पड़ा रहता है। इस स्थान से गुजरने वाले लोगों और यात्रियों को बदबू के चलते नाक पर रुमाल रखकर जाना पड़ता है।
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पालिका परिषद ने कूड़ा डालने वाले स्थान से कुछ दूरी पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए 0.9 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की है, पर इस भूमि को एक दशक बाद भी वनभूमि की स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है पर शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए शासन प्रशासान अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं कर पाया है। जिससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।
पिथौरागढ़ मार्ग पर मृग विहार से कुछ दूरी पर ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है। वन भूमि की मंजूरी के अभाव में ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बन सका है। -प्रकाश चंद्र जोशी, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा।