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60 फीसदी छात्र चटाई में बैठकर देंगे परीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 11 Feb 2015 12:04 AM IST
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शिक्षा विभाग उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी में जुटा है। बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में कुल 28943 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। जो 153 केंद्रों में परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों में पर्याप्त फर्नीचर नहीं होने से करीब 17 हजार से अधिक बच्चे चटाई में बैठकर परीक्षा देने को मजबूर होंगे।
जिले में हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में कुल 16066 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें संस्थागत 7466 बालक, 7366 बालिका, व्यक्तिगत 913 बालक, 321 बालिका शामिल हैं। इंटरमीडिएट में 12877 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठेंगे। इनमें संस्थागत 5631 बालक, 5734 बालिका, व्यक्तिगत 954 बालक, 558 बालिकाएं हैं। जिले के कुल 310 हाईस्कूल और इंटर कालेजों में से 153 में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी स्वपरीक्षा केंद्र हैं। इनमें छात्राओं के लिए केवल 13 स्कूल और छात्र-छात्राओं के लिए 140 मिश्रित केंद्र बनाए गए हैं।
जिले के करीब आधे से अधिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। जिन स्कूलों में फर्नीचर है भी वह भी पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में बोर्ड परीक्षार्थियों को जमीन में चटाई में बैठकर परीक्षा देनी पडे़गी। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले में करीब साठ फीसदी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। उन्होंने बताया कि शासन के आदेश पर शिक्षा निदेशालय को 25 स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर से बजट मिलने के बाद इन स्कूलों में फर्नीचर खरीदा जाएगा।
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जिले में हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में कुल 16066 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें संस्थागत 7466 बालक, 7366 बालिका, व्यक्तिगत 913 बालक, 321 बालिका शामिल हैं। इंटरमीडिएट में 12877 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठेंगे। इनमें संस्थागत 5631 बालक, 5734 बालिका, व्यक्तिगत 954 बालक, 558 बालिकाएं हैं। जिले के कुल 310 हाईस्कूल और इंटर कालेजों में से 153 में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी स्वपरीक्षा केंद्र हैं। इनमें छात्राओं के लिए केवल 13 स्कूल और छात्र-छात्राओं के लिए 140 मिश्रित केंद्र बनाए गए हैं।
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जिले के करीब आधे से अधिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। जिन स्कूलों में फर्नीचर है भी वह भी पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में बोर्ड परीक्षार्थियों को जमीन में चटाई में बैठकर परीक्षा देनी पडे़गी। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जिले में करीब साठ फीसदी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। उन्होंने बताया कि शासन के आदेश पर शिक्षा निदेशालय को 25 स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर से बजट मिलने के बाद इन स्कूलों में फर्नीचर खरीदा जाएगा।
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