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दावे कुछ हकीकत कुछ और

Thu, 30 Nov 2017 10:18 PM IST
दीप जोशी अल्मोड़ा।
दीप जोशी अल्मोड़ा। Updated Thu, 30 Nov 2017 10:18 PM IST
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reality is different to promises
अल्मोड़ा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज। - फोटो : amar ujala

सरकार अल्मोड़ा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज में 2018 से एमबीबीएस की कक्षाएं प्रारंभ करने की दावा कर रही है और देहरादून में इसी हिसाब से तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं, लेकिन हालत यह है कि बजट नहीं मिलने के कारण पिछले सात माह से मेडिकल कालेज के भवनों का काम ठप है। यही नहीं अब तक सिर्फ 35 प्रतिशत काम पूरा हो सका है। ऐसी स्थिति में कुछ माह बाद शुरू होने वाले सत्र में एमबीबीएस की कक्षाएं सरकार कैसे शुरू करेगी यह समझ से परे है। दरअसल भवनों का निर्माण दो साल पहले ही पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन पूर्व और वर्तमान सरकारों के तमाम दावों के बावजूद निर्माण एजेंसी को कुल लागत 327 करोड़ में से सिर्फ 122 करोड़ रुपये ही मिल सके हैं।

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अल्मोड़ा में मेडिकल कालेज की कवायद राज्य बनने के बाद से ही शुरू हो गई थी, लेकिन 2012 में मेडिकल कालेज के भवनों का निर्माण शुरू हुआ। मेडिकल कालेज की कुल योजना करीब 327 करोड़ रुपये की है इसमें से 75 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार से मिलना है। बताया गया है कि केंद्र सरकार से राज्य को अल्मोड़ा मेडिकल कालेज मद का अधिकांश बजट मिल चुका है, लेकिन राज्य सरकार से निर्माण एजेंसी को अब तक सिर्फ 122 करोड़ रुपये ही जारी हुए हैं। शुरूमें मेडिकल कालेज के भवनों का निर्माण 2015 तक पूरा करने और कक्षाएं 2016 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन समय पर बजट नहीं मिलने के कारण भवनों का निर्माण बहुत धीमी गति से चलता रहा। बीते चार सालों में कई बार काम रोकने की नौबत आ गई। निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक विवेक अरोरा ने बताया कि अब तक 122 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। उन्होंने बताया कि भवनों का 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एक साल से शासन से कोई पैसा नहीं मिला है और पिछले सात माह से निर्माण कार्य बंद है।
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प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में 2018 के शिक्षा सत्र में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू करने का दावा करते हुए बाकायदा तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. आशुतोष सयाना ने बताया कि मेडिकल कालेज के लिए 600 से अधिक पदों का ढांचा मंजूर हो चुका है और जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि एमसीआई की टीम हाल ही में निरीक्षण कर चुकी है और मेडिकल कालेज के लिए जरूरी भवनों और अन्य मानकों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि एक साल से बजट रिलीज नहीं होने के कारण भवनों का निर्माण रुका पड़ा है, लेकिन जल्द बजट जारी होने की संभावना है। 
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एमबीबीएस की कक्षाएं एक अगस्त से शुरू होती हैं। अगले कुछ माह में स्टाफ की नियुक्ति के साथ ही एमबीबीएस प्रथम वर्ष के लिए जरूरी भवनों को तैयार किया जाएगा और उपकरण आदि की खरीदारी की जाएगी। बेस अस्पताल में भी कुछ जरूरी काम होने हैं। अगले दो-तीन माह में प्राचार्य की नियुक्ति के बाद बेस अस्पताल को मेडिकल कालेज के लिए हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एमसीआई से हरी झंडी मिलने पर 2018 के सत्र में कक्षाएं शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। 
डा. आशुतोष सयाना, निदेशक चिकित्सा शिक्षा उत्तराखंड

 

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