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संस्कृति के संवाहक हैं मेले और परंपराएं : रावत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा।
Updated Sat, 19 Sep 2015 10:32 PM IST
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि संस्कृति, मेले, त्यौहार आदि समाज के जन जीवन का चित्रण प्रस्तुत करते हैं। संस्कृति के संवाहक मेलों और परंपराओं को समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन समाज को भी आगे आने की जरूरत है।
उन्होंने ऐपण कला को बढ़ाने को राज्य में ऐपण कला संवर्द्धन परिषद के गठन की घोषणा की।
सीएम शुक्रवार देर रात अल्मोड़ा में नंदादेवी मेले के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मेले कला, साहित्य, समृद्ध परंपराएं संस्कृति के वाहक हैं। इनके मौलिक स्वरूप को बनाए रखने को सभी को मिल कर प्रयास करने की जरूरत है। परंपरागत कुमाऊंनी रंगवाली पिछौड़ा को बढ़ावा देने को सरकार प्रयास करेगी। सीएम ने कहा कि कुमाऊंनी भवन निर्माण शैली को बढ़ावा देने को सरकार ने प्रथम चरण में अल्मोड़ा और उत्तरकाशी जिलों के लिए 50 लाख रुपये का फंड बनाया है, ताकि पहाड़ों में परंपरागत भवनों का संरक्षण हो और भविष्य में भी इनका निर्माण जारी रहे।
श्री रावत ने कहा कि पटाल अल्मोड़ा की पहचान है। नंदादेवी मंदिर परिसर में पटाल बिछा कर इस पहचान को संजोने का प्रयास होगा। यदि नगर के लोगों ने चाहा तो पुरानी बाजार में फिर से पटालें बिछाई जा सकती हैं।
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विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास को सभी से जुट कर काम करने का आह्वान किया। विधायक मनोज तिवारी ने अतिथियों का आभार जताते हुए मंदिर के सुंदरीकरण आदि की मांग रखी। चंद्र शासक वंशज पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा ने भी विचार रखे। इस मौके पर विधायक ललित फर्स्वाण, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, बागेश्वर के हरीश ऐठानी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, दायित्वधारी बिट्टू कर्नाटक, दिनेश कुंजवाल, एके सिकंदर पवार, राजेंद्र बाराकोटी, धरम सिंह महरा आदि मौजूद थे। अध्यक्षता शिरीष पांडे ने और संचालन मनोज वर्मा, मनोज सनवाल और तारा जोशी ने किया।
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उन्होंने ऐपण कला को बढ़ाने को राज्य में ऐपण कला संवर्द्धन परिषद के गठन की घोषणा की।
सीएम शुक्रवार देर रात अल्मोड़ा में नंदादेवी मेले के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मेले कला, साहित्य, समृद्ध परंपराएं संस्कृति के वाहक हैं। इनके मौलिक स्वरूप को बनाए रखने को सभी को मिल कर प्रयास करने की जरूरत है। परंपरागत कुमाऊंनी रंगवाली पिछौड़ा को बढ़ावा देने को सरकार प्रयास करेगी। सीएम ने कहा कि कुमाऊंनी भवन निर्माण शैली को बढ़ावा देने को सरकार ने प्रथम चरण में अल्मोड़ा और उत्तरकाशी जिलों के लिए 50 लाख रुपये का फंड बनाया है, ताकि पहाड़ों में परंपरागत भवनों का संरक्षण हो और भविष्य में भी इनका निर्माण जारी रहे।
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श्री रावत ने कहा कि पटाल अल्मोड़ा की पहचान है। नंदादेवी मंदिर परिसर में पटाल बिछा कर इस पहचान को संजोने का प्रयास होगा। यदि नगर के लोगों ने चाहा तो पुरानी बाजार में फिर से पटालें बिछाई जा सकती हैं।
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विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्य के विकास को सभी से जुट कर काम करने का आह्वान किया। विधायक मनोज तिवारी ने अतिथियों का आभार जताते हुए मंदिर के सुंदरीकरण आदि की मांग रखी। चंद्र शासक वंशज पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा ने भी विचार रखे। इस मौके पर विधायक ललित फर्स्वाण, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष पार्वती महरा, बागेश्वर के हरीश ऐठानी, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, दायित्वधारी बिट्टू कर्नाटक, दिनेश कुंजवाल, एके सिकंदर पवार, राजेंद्र बाराकोटी, धरम सिंह महरा आदि मौजूद थे। अध्यक्षता शिरीष पांडे ने और संचालन मनोज वर्मा, मनोज सनवाल और तारा जोशी ने किया।