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नाबालिग से बलात्कार के प्रयास में एक साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा।
Updated Sat, 19 Sep 2015 10:27 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने नाबालिग छात्रा से बलात्कार के प्रयास के आरोपी को एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। मझौलिया यूपी निवासी आरोपी पर न्यायालय ने 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
घटना क्रम के मुताबिक थाना मझौलिया बेतिया विहार (उप्र) निवासी भोलापासवान सोमेश्वर तहसील में श्रमिकों का मुंशी का काम करता था। 27 मार्च 2015 को दिन में वह अपने पास काम करने वाले एक श्रमिक के घर में घुस गया। उस वक्त मजदूर के घर पर 12 वर्षीय छात्रा के अलावा कोई नहीं था। आरोपी मुंशी ने नाबालिग के कपड़े फाड़ कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर वह मौके से भाग निकला। परिजनों के पहुंचने पर पीड़िता ने आप बीती सुनाई। नाबालिग के पिता ने सोमेश्वर थाने में मुंशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी की अदालत में चला। विशेष अभियोजक अरुण गौड़ ने सात गवाहों को अदालत में पेश किया। दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाही के आधार पर न्यायालय ने धारा 354 और 452 में अपराध घटित होना पाया। न्यायाधीश मैठाणी ने आरोपी को दोनों ही धाराओं में एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दोनों धाराओं में सुनाई गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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घटना क्रम के मुताबिक थाना मझौलिया बेतिया विहार (उप्र) निवासी भोलापासवान सोमेश्वर तहसील में श्रमिकों का मुंशी का काम करता था। 27 मार्च 2015 को दिन में वह अपने पास काम करने वाले एक श्रमिक के घर में घुस गया। उस वक्त मजदूर के घर पर 12 वर्षीय छात्रा के अलावा कोई नहीं था। आरोपी मुंशी ने नाबालिग के कपड़े फाड़ कर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर वह मौके से भाग निकला। परिजनों के पहुंचने पर पीड़िता ने आप बीती सुनाई। नाबालिग के पिता ने सोमेश्वर थाने में मुंशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी की अदालत में चला। विशेष अभियोजक अरुण गौड़ ने सात गवाहों को अदालत में पेश किया। दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाही के आधार पर न्यायालय ने धारा 354 और 452 में अपराध घटित होना पाया। न्यायाधीश मैठाणी ने आरोपी को दोनों ही धाराओं में एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दोनों धाराओं में सुनाई गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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