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उपेक्षा का दंश झेल रही है रानीखेत की ठंडी सड़क
Fri, 29 Mar 2019 11:57 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Published by: Almora desk
Updated Fri, 29 Mar 2019 11:57 PM IST
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इस हालत में है रानीखेत की ऐतिहासिक ठंडी सड़क।
- फोटो : amar ujala
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पर्यटन नगरी रानीखेत की ठंडी रोड वर्तमान में उपेक्षा का दंश झेल रही है। मरम्मत न होने के कारण इसकी हालत काफी खराब बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह पर गड्ढे बने हो ने से इससे होकर जाने वाले स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
रानीखेत की प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए अंग्रेजों ने 1869 में यहां छावनी बसाई। जंगलों के बीच खूबसूरत 62 बंगलों का निर्माण किया, इन बंगलों की खासियत यही है कि सभी बंगले सड़क से जुड़े हुए हैं। ठंडी रोड भी इन्हीं बंगलों के बीच से होकर गुजरती है। वर्तमान में इसकी सुरक्षा का जिम्मा छावनी परिषद के ऊपर है। बताते हैं कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जब 1952 में रानीखेत आए तो वह शाम के समय इसी सड़क से पैदल चलकर प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाते थे।
वर्तमान में यह सड़क पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। कनौसा कान्वेंट, आर्मी पब्लिक स्कूल और स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल भी इसी सड़क के आसपास स्थित हैं। सड़क बदहाल होने के कारण बच्चों को स्कूल आने जाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि कैंट ने सड़क के आस पास कई सुंदर पार्कों का भी निर्माण किया है, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। कैंट के जेई सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव कैंट बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
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रानीखेत की प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए अंग्रेजों ने 1869 में यहां छावनी बसाई। जंगलों के बीच खूबसूरत 62 बंगलों का निर्माण किया, इन बंगलों की खासियत यही है कि सभी बंगले सड़क से जुड़े हुए हैं। ठंडी रोड भी इन्हीं बंगलों के बीच से होकर गुजरती है। वर्तमान में इसकी सुरक्षा का जिम्मा छावनी परिषद के ऊपर है। बताते हैं कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जब 1952 में रानीखेत आए तो वह शाम के समय इसी सड़क से पैदल चलकर प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाते थे।
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वर्तमान में यह सड़क पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह पर गड्ढे बने हुए हैं। कनौसा कान्वेंट, आर्मी पब्लिक स्कूल और स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल भी इसी सड़क के आसपास स्थित हैं। सड़क बदहाल होने के कारण बच्चों को स्कूल आने जाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि कैंट ने सड़क के आस पास कई सुंदर पार्कों का भी निर्माण किया है, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। कैंट के जेई सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव कैंट बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
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