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ब्रिटिशकालीन कैंट को स्वच्छता के क्षेत्र में फिर नंबर वन बनाए कबाड़ से जुगाड़ अभियान
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रानीखेत का कैंट कार्यालय। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। गांधी जयंती पर केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी, इसी तर्ज पर अब छावनी परिषद ने कबाड़ से जुगाड़ योजना की शुरुआत की है। इससे जहां लोगों को निष्प्रयोज्य सामान को दोबारा इस्तेमाल में लाने के लिए जागरूक किया जाएगा, वहीं स्वच्छता बढ़ेगी तो ब्रिटिशकालीन रानीखेत छावनी के नंबर भी बढ़ेंगे। यह अभियान शुक्रवार गांधी जयंती से शुरू होगा।
रानीखेत छावनी देश की 62 छावनियों में बड़ी छावनी मानी जाती है। स्वच्छता सर्वेक्षण में यह कैंट तीसरे स्थान पर भी पहुंचा है। ब्रिटिशकालीन दौर में छावनी परिषद का स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी स्थान था। कर्मचारियों की फौज थी। पिछले दो-तीन दशकों से कैंट की सफाई व्यवस्था कमजोर हुई है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में भी छावनी 18वें स्थान पर फिसल गई। अब छावनी ने कैंट को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने का संकल्प ले लिया है। सातों वार्डों में गांधी जयंती से कबाड़ से जुगाड़ अभियान की शुरुआत की जा रही है। अव्वल स्थान प्राप्त करने वाले लोगों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। यहां बताना जरूरी है कि पूर्व में कैंट ने नगर की सफाई व्यवस्था ठेके पर दी थी, जो सफल नहीं हुई। इसके बाद कोरोना काल में कई सफाई कर्मचारी हटाए गए। सफाई व्यवस्था चरमराई तो फिर से ठेका व्यवस्था शुरू हो गई है। ब्रिटिशकालीन सातों बड़े नालों को ठेकेदार को सौंप दिया गया है। इसके बाद नालों की दशा सुधरने लगी है। अब कबाड़ से जुगाड़ अभियान के माध्यम से नगर को स्वच्छ बनाने की मुहिम शुरू हुई है। लोग निष्प्रयोज्य सामान को उपयोगी बना सकें इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
निश्चित रूप से देश की बड़ी छावनी रानीखेत को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने की कवायद शुरू की जा रही है। गांधी जयंती पर कबाड़ से जुगाड़ जागरूकता अभियान चलेगा।
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- एपी सिंह, स्वच्छता निरीक्षक, कैंट बोर्ड रानीखेत
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रानीखेत छावनी देश की 62 छावनियों में बड़ी छावनी मानी जाती है। स्वच्छता सर्वेक्षण में यह कैंट तीसरे स्थान पर भी पहुंचा है। ब्रिटिशकालीन दौर में छावनी परिषद का स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी स्थान था। कर्मचारियों की फौज थी। पिछले दो-तीन दशकों से कैंट की सफाई व्यवस्था कमजोर हुई है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में भी छावनी 18वें स्थान पर फिसल गई। अब छावनी ने कैंट को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने का संकल्प ले लिया है। सातों वार्डों में गांधी जयंती से कबाड़ से जुगाड़ अभियान की शुरुआत की जा रही है। अव्वल स्थान प्राप्त करने वाले लोगों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। यहां बताना जरूरी है कि पूर्व में कैंट ने नगर की सफाई व्यवस्था ठेके पर दी थी, जो सफल नहीं हुई। इसके बाद कोरोना काल में कई सफाई कर्मचारी हटाए गए। सफाई व्यवस्था चरमराई तो फिर से ठेका व्यवस्था शुरू हो गई है। ब्रिटिशकालीन सातों बड़े नालों को ठेकेदार को सौंप दिया गया है। इसके बाद नालों की दशा सुधरने लगी है। अब कबाड़ से जुगाड़ अभियान के माध्यम से नगर को स्वच्छ बनाने की मुहिम शुरू हुई है। लोग निष्प्रयोज्य सामान को उपयोगी बना सकें इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
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निश्चित रूप से देश की बड़ी छावनी रानीखेत को स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने की कवायद शुरू की जा रही है। गांधी जयंती पर कबाड़ से जुगाड़ जागरूकता अभियान चलेगा।
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- एपी सिंह, स्वच्छता निरीक्षक, कैंट बोर्ड रानीखेत