रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में बनाए गए तीनों क्वारंटीन केंद्रों में आयुष डॉक्टरों ने जिम्मेदारी संभाली है। डॉक्टरों के साथ एक-एक फार्मासिस्ट भी तैनात किए गए हैं। तीनों क्वारंटीन केंद्रों में 19 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। सील एरिया कुरैशियन मोहल्ला, सुदामापुरी और लोअर खड़ी बाजार में भी दो डाक्टर आयुष के ही हैं। एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं को भी स्वास्थ्य जांच टीम में शामिल किया गया है।
16 मार्च को निजामुद्दीन मरकज से यहां चार जमाती लौटे थे। सभी को यहां चिलियानौला केएमवीएन के रेस्ट हाउस में क्वारंटीन किया गया। जांच में एक जमाती कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद पॉजिटिव जमाती किन-किन लोगों के संपर्क में था उनकी खोज शुरू हुई। सरना गार्डन में 13 फरवरी को पीलीभीत जमात से लौटे सात जमातियों के भी उसके संपर्क में आने की सूचना मिली तो उन्हें मालरोड स्थित केएमवीएन के रेस्ट हाउस में क्वारंटीन कर दिया गया। इसके बाद छह अप्रैल को जमाती के संपर्क में आने वाले नौ अन्य लोगों को यहां बाजार स्थित पार्वती इन होटल के क्वारंटीन केंद्र में क्वारंटीन किया गया है। हालांकि सभी 19 रोगियों की रिपोर्ट निगेटिव निकली है। तीनों केंद्रों में आयुष डॉ. संजय श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट अखिलेश, डॉ. कुबेर अधिकारी, डॉ. एलएम जोशी फार्मासिस्ट हर्षमणि जगोड़ी तैनात हैं। उधर सील एरिया में भी डॉ. जितेंद्र पपनोई, डॉ. शैलेंद्र डांगर के नेतृत्व में चार टीमें तैयार की गई हैं। आइसोलेशन और सील एरिया क्षेत्र की निगरानी कर रहे राजकीय अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. केके पांडे ने बताया कि क्वारंटीन केंद्रों में रोगी के लक्षण देखे जाने हैं, इसके बाद उन्हें राजकीय अस्पताल ही लाया जाएगा।