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12 घंटे ठप रहे अल्मोड़ा पंपिंग योजना के पंप
Sat, 06 Jul 2019 12:43 AM IST
दीपक नेगी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 06 Jul 2019 12:43 AM IST
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अल्मोड़ा पल्टन बाजार स्थित सिद्ध नौला में पानी भरते लोग।
- फोटो : amar ujala
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कोसी नदी में बैराज और इंटेकवेल का निर्माण होने के बावजूद शहर की जनता को पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कोसी नदी में सिल्ट और मलबा जमा होने से अल्मोड़ा पंपिंग योजना के पंप बारह घंटे ठप रहे। जिससे सर्किट हाउस टैंक से जुड़े क्षेत्रों को छोड़कर शहर के अधिकांश मोहल्लों में शुक्रवार को पेयजल आपूर्ति ठप रही।
कोसी नदी में करोड़ों की लागत से बैराज और इंटेकवेल का निर्माण हो गया है, लेकिन शहर की जनता फिर भी प्यासी है। कोसी नदी में सिल्ट और मलबा आने से पानी की पंपिंग बंद हो जा रही है। जिसके चलते बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार दिन में बारह बजे तक तीनों पंपों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। जिससे शहर के अधिकांश हिस्से में शुक्रवार को जनता को पानी नहीं मिला। वहीं नदी का पानी गंदा होने से शहर को दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
बृहस्पतिवार को कोसी नदी में बैराज के गेट खोल दिए गए थे। बैराज का पूरा पानी रात में खाली हो गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने शुक्रवार सुबह सात बजे बैराज के गेट बंद कर फिर से पानी भरना शुरू कर दिया है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि बैराज के गेट खोलने के बाद भी नदी में जमा सिल्ट और मलबा पूरी तरह नहीं हटा है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को रात 12 बजे से ठप पड़े पंपों से शुक्रवार को दिन में12 बजे से तीनों पेयजल पंपों से पंपिंग शुरू कर दी गई है। शनिवार को शहर में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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उक्रांद ने उठाई पिंडर नदी से पेयजल योजना निर्माण की मांग
अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल जिला ईकाई ने अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए पिंडर नदी से गुरुत्व आधारित पेयजल योजना बनाने की मांग की है। उक्रांद के एक शिष्टमडंल ने इस संबंध में एडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि अल्मोड़ा शहर को कोसी नदी से पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन नदी का जल स्तर लगातार गिरते जा रहा है। कोसी नदी में काफी कम पानी रह गया है। नदी को पुनर्जीवित करने के सभी सरकारी प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। कोसी नदी में बैराज और इंटेकवेल बनाए जाने के बावजूद शहर के लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने शहर में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पिंडर नदी से गुरुत्व आधारित पेयजल योजना का निर्माण करने की मांग उठाई। कहा कि इसके निर्माण में कम खर्चा आएगा। ज्ञापन देने वालों में उक्रांद जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, ब्रहमानंद डालाकोटी, मुमताज कश्मीरी, मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, प्रेम बल्लभ कांडपाल, बिशन राम, आनंदी महरा, धनी आर्या, बीना देवी आदि शामिल थे।
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कोसी नदी में करोड़ों की लागत से बैराज और इंटेकवेल का निर्माण हो गया है, लेकिन शहर की जनता फिर भी प्यासी है। कोसी नदी में सिल्ट और मलबा आने से पानी की पंपिंग बंद हो जा रही है। जिसके चलते बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार दिन में बारह बजे तक तीनों पंपों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। जिससे शहर के अधिकांश हिस्से में शुक्रवार को जनता को पानी नहीं मिला। वहीं नदी का पानी गंदा होने से शहर को दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
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बृहस्पतिवार को कोसी नदी में बैराज के गेट खोल दिए गए थे। बैराज का पूरा पानी रात में खाली हो गया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने शुक्रवार सुबह सात बजे बैराज के गेट बंद कर फिर से पानी भरना शुरू कर दिया है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती ने बताया कि बैराज के गेट खोलने के बाद भी नदी में जमा सिल्ट और मलबा पूरी तरह नहीं हटा है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को रात 12 बजे से ठप पड़े पंपों से शुक्रवार को दिन में12 बजे से तीनों पेयजल पंपों से पंपिंग शुरू कर दी गई है। शनिवार को शहर में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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उक्रांद ने उठाई पिंडर नदी से पेयजल योजना निर्माण की मांग
अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल जिला ईकाई ने अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए पिंडर नदी से गुरुत्व आधारित पेयजल योजना बनाने की मांग की है। उक्रांद के एक शिष्टमडंल ने इस संबंध में एडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि अल्मोड़ा शहर को कोसी नदी से पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन नदी का जल स्तर लगातार गिरते जा रहा है। कोसी नदी में काफी कम पानी रह गया है। नदी को पुनर्जीवित करने के सभी सरकारी प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। कोसी नदी में बैराज और इंटेकवेल बनाए जाने के बावजूद शहर के लोगों को जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने शहर में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पिंडर नदी से गुरुत्व आधारित पेयजल योजना का निर्माण करने की मांग उठाई। कहा कि इसके निर्माण में कम खर्चा आएगा। ज्ञापन देने वालों में उक्रांद जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, ब्रहमानंद डालाकोटी, मुमताज कश्मीरी, मनोज कुमार, महेंद्र सिंह, प्रेम बल्लभ कांडपाल, बिशन राम, आनंदी महरा, धनी आर्या, बीना देवी आदि शामिल थे।