{"_id":"69d54c0f6ee2cd6c190591eb","slug":"protests-against-changes-in-the-timetable-intensified-almora-news-c-232-1-alm1019-141877-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: समय सारिणी में किए गए बदलाव का विरोध हुअा तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: समय सारिणी में किए गए बदलाव का विरोध हुअा तेज
Tue, 07 Apr 2026 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 07 Apr 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड शासन द्वारा विद्यालय समय-सारिणी में किए गए बदलाव का विरोध तेज हो गया है। राजकीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने नई समय-सारिणी को अव्यवहारिक बताते हुए इसे तत्काल संशोधित या निरस्त करने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि पूर्व में लागू समय (सुबह 7.45 से दोपहर एक बजे तक) विद्यार्थियों के लिए अनुकूल था, जिससे वे तेज धूप से पहले सुरक्षित घर पहुंच जाते थे। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय अब करीब 2.05 बजे तक चलने से बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।
जिला महामंत्री पुष्कर कुंवर और ब्लॉक अध्यक्ष दीपक पांडेय ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कई छात्र दूर-दराज के गांवों से पैदल, जंगलों और दुर्गम रास्तों से स्कूल आते हैं। ऐसे में देर से छुट्टी होने पर उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
संघ ने कहा कि इस निर्णय से अभिभावकों में भी चिंता और असंतोष है। उन्होंने सरकार से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी को पूर्ववत लागू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगा।
विज्ञापन
संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि पूर्व में लागू समय (सुबह 7.45 से दोपहर एक बजे तक) विद्यार्थियों के लिए अनुकूल था, जिससे वे तेज धूप से पहले सुरक्षित घर पहुंच जाते थे। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय अब करीब 2.05 बजे तक चलने से बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
जिला महामंत्री पुष्कर कुंवर और ब्लॉक अध्यक्ष दीपक पांडेय ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में कई छात्र दूर-दराज के गांवों से पैदल, जंगलों और दुर्गम रास्तों से स्कूल आते हैं। ऐसे में देर से छुट्टी होने पर उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
संघ ने कहा कि इस निर्णय से अभिभावकों में भी चिंता और असंतोष है। उन्होंने सरकार से ग्रीष्मकालीन समय-सारिणी को पूर्ववत लागू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगा।