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पंजीकरण या योजनाओं के लाभ के लिए 90 दिनों तक काम करने का देना होगा प्रमाण
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अल्मोड़ा। श्रम विभाग की ओर से पंजीकृत श्रमिकों की जांच होगी। नए पंजीकृत और योजनाओं के लाभ लेने वाले श्रमिकों को पिछले एक साल के भीतर 90 दिनों तक कार्य करने के पक्के प्रमाण देने होंगे। श्रमिकों को मजदूरी के आधार पर वेतन पर्ची समेत अन्य प्रमाणपत्र देने होंगे। अनियमितताओं पर श्रमिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहायक श्रम आयुक्त उमेश चंद्र राय ने बताया कि भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत भवन निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के पंजीकरण की अब जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए मात्र शपथपत्र के माध्यम से ही श्रमिकों का पंजीयन किया जाता था, लेकिन अब पात्र श्रमिकों को ही योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए पुख्ता कवायद की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में 13 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं।
नए पंजीकरण और योजनाओं के लाभ लेने वाले श्रमिकों को अब नए नियमों का पालन करना होगा। पंजीकरण और योजनाओं के लाभ लेने के लिए श्रमिकों को पिछले एक साल के भीतर 90 दिनों तक पंजीकृत ठेकेदार या मनरेगा में कार्य करने का पक्का प्रमाण देना होगा। आवेदक को शपथपत्र के साथ पिछले एक साल में ठेकेदार से मस्टररोल पर 90 दिन का काम और उसका वेतन देने का प्रमाण देना होगा। उन्होंने बताया कि योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए नियम बनाए गए हैं, जिससे पात्र श्रमिकों को ही लाभ पहुंचे। यदि श्रमिक पिछले एक साल में 90 दिनों तक काम करने का पेस्लिप के साथ प्रमाण देता है, तब ही उसका पंजीकरण कर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। जांच में कोई भी जानकारी गलत मिलने पर संबंधित श्रमिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सहायक श्रम आयुक्त उमेश चंद्र राय ने बताया कि भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत भवन निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के पंजीकरण की अब जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए मात्र शपथपत्र के माध्यम से ही श्रमिकों का पंजीयन किया जाता था, लेकिन अब पात्र श्रमिकों को ही योजनाओं का लाभ मिल सके इसके लिए पुख्ता कवायद की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में 13 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं।
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नए पंजीकरण और योजनाओं के लाभ लेने वाले श्रमिकों को अब नए नियमों का पालन करना होगा। पंजीकरण और योजनाओं के लाभ लेने के लिए श्रमिकों को पिछले एक साल के भीतर 90 दिनों तक पंजीकृत ठेकेदार या मनरेगा में कार्य करने का पक्का प्रमाण देना होगा। आवेदक को शपथपत्र के साथ पिछले एक साल में ठेकेदार से मस्टररोल पर 90 दिन का काम और उसका वेतन देने का प्रमाण देना होगा। उन्होंने बताया कि योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए नियम बनाए गए हैं, जिससे पात्र श्रमिकों को ही लाभ पहुंचे। यदि श्रमिक पिछले एक साल में 90 दिनों तक काम करने का पेस्लिप के साथ प्रमाण देता है, तब ही उसका पंजीकरण कर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। जांच में कोई भी जानकारी गलत मिलने पर संबंधित श्रमिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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