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चितई मंदिर के विवाह स्थल बनकर रह जाने से पुजारी चिंतित
Sun, 16 Jun 2019 11:37 PM IST
दीपक नेगी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sun, 16 Jun 2019 11:37 PM IST
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चितई कl गोल्ज्यू मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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चितई के गोल्ज्यू मंदिर के सार्वजनिक विवाह स्थल के रूप में तब्दील होने को लेकर स्थानीय लोग और मंदिर के पुजारी चिंतित हैं। मंदिर के पुजारियों ने तय किया है जल्द प्रशासन से मिलकर इस बाबत बात की जाएगी। उन्होंने कोर्ट से शपथपत्र लाने और विवाह समारोह में दोनों पक्षों की ओर से 10-15 लोगों के शामिल होने पर ही विवाह समारोह की अनुमति दिए जाने की बात कही है।
दरअसल विवाह सीजन के दौरान चितई मंदिर में हर रोज होने वाले विवाह समारोह में दोनों पक्षों की ओर से 150 से 200 लोग यहां पहुंच रहे हैं। भीड़ बढ़ने से मंदिर परिसर में अराजकता का माहौल भी बन रहा है। विवाह समारोह में कुछ लोग शराब पीकर पहुंच रहे हैं। बैंड-बाजों के शोरगुल से मंदिर की पूजा पद्धति भी प्रभावित हो रही है। मंदिर परिसर के आसपास गंदगी काफी ज्यादा हो गई है। सफाई व्यवस्था भी यहां दुरुस्त नहीं है। इन सबसे मंदिर की आस्था पर भी कहीं ना कहीं विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
कोट
मंदिर में विवाह समारोह का आयोजन अब सीमित नहीं रह गया है। डेढ़ से दो सौ लोगों के पहुंचने से मंदिर में अव्यवस्था हो रही है। मंदिर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जल्द ही जिला प्रशासन के साथ बैठक कर तय किया जाएगा कि कोर्ट से शपथपत्र लाने के बाद ही चितई मंदिर में सादगी से विवाह संपन्न हो या फिर मंदिर परिसर के अंदर विवाह समारोह का आयोजन नहीं किया जाए। -प्रकाश चंद्र पंत, कोषाध्यक्ष चितई ग्वल देवता मंदिर।
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फोटो--
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दरअसल विवाह सीजन के दौरान चितई मंदिर में हर रोज होने वाले विवाह समारोह में दोनों पक्षों की ओर से 150 से 200 लोग यहां पहुंच रहे हैं। भीड़ बढ़ने से मंदिर परिसर में अराजकता का माहौल भी बन रहा है। विवाह समारोह में कुछ लोग शराब पीकर पहुंच रहे हैं। बैंड-बाजों के शोरगुल से मंदिर की पूजा पद्धति भी प्रभावित हो रही है। मंदिर परिसर के आसपास गंदगी काफी ज्यादा हो गई है। सफाई व्यवस्था भी यहां दुरुस्त नहीं है। इन सबसे मंदिर की आस्था पर भी कहीं ना कहीं विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
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मंदिर में विवाह समारोह का आयोजन अब सीमित नहीं रह गया है। डेढ़ से दो सौ लोगों के पहुंचने से मंदिर में अव्यवस्था हो रही है। मंदिर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जल्द ही जिला प्रशासन के साथ बैठक कर तय किया जाएगा कि कोर्ट से शपथपत्र लाने के बाद ही चितई मंदिर में सादगी से विवाह संपन्न हो या फिर मंदिर परिसर के अंदर विवाह समारोह का आयोजन नहीं किया जाए। -प्रकाश चंद्र पंत, कोषाध्यक्ष चितई ग्वल देवता मंदिर।
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