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1.67 लाख पौधों का रोपण लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:23 PM IST
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कोसी पुनर्जनन अभियान के तहत कोसी के उद्गम क्षेत्र में बीते 16 जुलाई को एक घंटे में एक लाख 67 हजार 755 पौधे रोपने को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कर लिया गया है। बताया गया है कि इसका प्रमाणपत्र दिसंबर में प्राप्त हो जाएगा।
बता दें कि कोसी पुनर्जनन अभियान के तहत 16 जुलाई को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कई अन्य जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए रिकार्ड पौधरोपण कार्यक्रम में हवालबाग और ताकुला ब्लॉक के ग्रामीणों सहित टास्क फोर्स सेना, एसएसबी, एनसीसी, स्काउट, सेना के अलावा कई विद्यालयों, स्वयं सेवी संस्थाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के कुल 10 हजार 517 लोगों ने हिस्सा लिया। किसी एक नदी के पुनर्जनन के लिए एक घंटे में एक लाख 67 हजार 755 पौधे रोपे जाने को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करने के लिए आवेदन किया गया था। प्रभारी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि लिम्का बुक ऑफ वरर्ल्ड रिकार्ड द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि किसी नदी के बजाय कोसी नदी के पुनर्जनन के लिए एक घंटे में एक लाख 67 हजार 755 पौधे रोपने को रिकार्ड के तौर पर शामिल किया गया है। श्री दीक्षित ने बताया कि दिसंबर में आने वाली किताब में इस रिकार्ड को प्रकाशित करके प्रमाणपत्र जारी हो जाएगा।
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बता दें कि कोसी पुनर्जनन अभियान के तहत 16 जुलाई को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कई अन्य जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए रिकार्ड पौधरोपण कार्यक्रम में हवालबाग और ताकुला ब्लॉक के ग्रामीणों सहित टास्क फोर्स सेना, एसएसबी, एनसीसी, स्काउट, सेना के अलावा कई विद्यालयों, स्वयं सेवी संस्थाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों के कुल 10 हजार 517 लोगों ने हिस्सा लिया। किसी एक नदी के पुनर्जनन के लिए एक घंटे में एक लाख 67 हजार 755 पौधे रोपे जाने को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज करने के लिए आवेदन किया गया था। प्रभारी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि लिम्का बुक ऑफ वरर्ल्ड रिकार्ड द्वारा इसे स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि किसी नदी के बजाय कोसी नदी के पुनर्जनन के लिए एक घंटे में एक लाख 67 हजार 755 पौधे रोपने को रिकार्ड के तौर पर शामिल किया गया है। श्री दीक्षित ने बताया कि दिसंबर में आने वाली किताब में इस रिकार्ड को प्रकाशित करके प्रमाणपत्र जारी हो जाएगा।
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