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पीपली के ग्रामीणों में अपने मेजर को खोने का रंज
Thu, 28 Feb 2019 01:42 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 28 Feb 2019 01:42 AM IST
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हीद मेजर चित्रेश के पैतृक आवास पर मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान की सरजमीं में घुसकर वहां आतंकी कैंप को तबाह करने की सूचना मिलने के बाद यहां शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के गांव पीपली में भी हर्ष की लहर है। ग्रामीणों ने भारत की इस पहल पर जश्न मनाया। कहा कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए और कठोर कार्रवाई करनी होगी। आए दिन सरहद पर जवान शहीद हो रहे हैं।
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इसके दो दिन बाद राजोरी सेक्टर में आतंकियों की ओर से बिछाए गए आईईडी बम को डिफ्यूज करते वक्त पीपली गांव के मूल निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान की सरजमीं पर की गई कार्रवाई से ग्रामीण गदगद हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कायराना हमले में गांव ने होनहार मेजर गंवाया है। पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना जरूरी हो गया है। भविष्य में इस तरह की कायराना हरकत न हो इसके लिए आतंक को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। ग्रामीण पुष्कर सिंह, संजय सिंह, श्याम सिंह, भूपाल सिंह, हरीश सिंह, भूपाल सिंह बिष्ट, रघुवर सिंह, भगत सिंह, भगत सिंह, विशन सिंह आदि ने कहा कि गांव ने एक होनहार मेजर को खोया है। जब तक आतंकियों का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता तब तक भारत को चैन की सांस नहीं लेनी चाहिए।
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पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमला हुआ था। इसके दो दिन बाद राजोरी सेक्टर में आतंकियों की ओर से बिछाए गए आईईडी बम को डिफ्यूज करते वक्त पीपली गांव के मूल निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। भारतीय वायु सेना की ओर से पाकिस्तान की सरजमीं पर की गई कार्रवाई से ग्रामीण गदगद हैं। ग्रामीणों ने कहा कि कायराना हमले में गांव ने होनहार मेजर गंवाया है। पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना जरूरी हो गया है। भविष्य में इस तरह की कायराना हरकत न हो इसके लिए आतंक को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। ग्रामीण पुष्कर सिंह, संजय सिंह, श्याम सिंह, भूपाल सिंह, हरीश सिंह, भूपाल सिंह बिष्ट, रघुवर सिंह, भगत सिंह, भगत सिंह, विशन सिंह आदि ने कहा कि गांव ने एक होनहार मेजर को खोया है। जब तक आतंकियों का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता तब तक भारत को चैन की सांस नहीं लेनी चाहिए।
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