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Almora News: दूसरे दिन भी दरकी पहाड़ी, अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच रहा बंद
Sun, 17 Nov 2024 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 17 Nov 2024 11:12 PM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-109 पर क्वारब के पास दूसरे दिन भी पहाड़ी दरकी। भारी मात्रा में मलबा गिरने से दूसरे दिन भी सड़क बंद रही। इस कारण अल्मोड़ा से हल्द्वानी और हल्द्वानी से अल्मोड़ा की तरफ आवाजाही करने वाले वाहन शहरफाटक और रानीखेत से होकर गए। इससे यात्रियों को दिक्कतें हुईं। सड़क से मलबा हटाया जा रहा है। सोमवार को मार्ग खुलने की संभावना है।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा गिरने से मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गया था। दूसरे दिन रविवार सुबह फिर से पहाड़ी दरक गई। दिनभर समय-समय पर मलबा गिरता रहा। इससे मार्ग यातायात के लिए बंद रहा। मलबा हटाने के लिए वहां पर जेसीबी लगाई गई है लेकिन पहाड़ी से लगातार बुल्डोजर, पेड़, मलबा गिरने से मशीनों से मलबा हटाना संभव नहीं हो रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग को यातायात के लिए बंद रखा।
बसों के लंबे रूट से जाने की वजह से यात्रियों ने 100 रुपये अधिक किराया दिया
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद होने से दूसरे दिन भी केमू, रोडवेज की बसें और टैक्सी का संचालन शहरफाट और रानीखेत होते हुए किया गया। इससे यात्रियों को 50 किमी का अतिरिक्त फेरा पड़ा। रोडवेज की बस में दिल्ली का किराया 655 रुपये है लेकिन बसों के घूमकर जाने से किराया 755 रुपये पड़ा। यात्रियों को 100 रुपये अधिक किराया देना पड़ा। टैक्सी में आम दिनों में 400 रुपये किराया है लेकिन वैकल्पिक मार्ग से जाने पर यात्रियों को 600 रुपये किराया देना पड़ा।
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अल्मोड़ा- हल्द्वानी एनएच पर क्वारब के पास लगातार मलबा गिर रहा है। खतरे को देखते हुए मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। जेसीबी से मलबा हटाने का काम जारी है। - विनीत पाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, अल्मोड़ा।
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शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा गिरने से मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गया था। दूसरे दिन रविवार सुबह फिर से पहाड़ी दरक गई। दिनभर समय-समय पर मलबा गिरता रहा। इससे मार्ग यातायात के लिए बंद रहा। मलबा हटाने के लिए वहां पर जेसीबी लगाई गई है लेकिन पहाड़ी से लगातार बुल्डोजर, पेड़, मलबा गिरने से मशीनों से मलबा हटाना संभव नहीं हो रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मार्ग को यातायात के लिए बंद रखा।
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बसों के लंबे रूट से जाने की वजह से यात्रियों ने 100 रुपये अधिक किराया दिया
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद होने से दूसरे दिन भी केमू, रोडवेज की बसें और टैक्सी का संचालन शहरफाट और रानीखेत होते हुए किया गया। इससे यात्रियों को 50 किमी का अतिरिक्त फेरा पड़ा। रोडवेज की बस में दिल्ली का किराया 655 रुपये है लेकिन बसों के घूमकर जाने से किराया 755 रुपये पड़ा। यात्रियों को 100 रुपये अधिक किराया देना पड़ा। टैक्सी में आम दिनों में 400 रुपये किराया है लेकिन वैकल्पिक मार्ग से जाने पर यात्रियों को 600 रुपये किराया देना पड़ा।
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अल्मोड़ा- हल्द्वानी एनएच पर क्वारब के पास लगातार मलबा गिर रहा है। खतरे को देखते हुए मार्ग दूसरे दिन भी बंद रहा। जेसीबी से मलबा हटाने का काम जारी है। - विनीत पाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, अल्मोड़ा।