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Almora News: नौ साल बाद भी ठीक नहीं हुई डिजिटल एक्सरे मशीन
Sun, 14 Jul 2024 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:40 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। उप जिला चिकित्सालय रानीखेत में जंग खा रही डिजिटल एक्स रे मशीन स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों को हवाई साबित कर रही है। नौ साल बाद भी खराब मशीन ठीक नहीं हुई और मरीज डिजिटल एक्स रे के लिए निजी लैब की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में ताड़ीखेत, द्वाराहाट के साथ गढ़वाल के गैरसैण सहित अन्य स्थानों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां हर रोज हड्डी रोज से जूझ रहे 50 से अधिक मरीजों का उपचार होता है। ऐसे मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए वर्ष 2010 में यहां डिजिटल एक्स रे मशीन स्थापित की थी जो सिर्फ पांच साल बाद भी जवाब दे गई। खराबी आने से मशीन को स्टोर रूम में रख दिया गया लेकिन इसे ठीक करने के प्रयास नहीं हुए। मैन्युअल एक्स रे जांच कर काम चलाया जा रहा है। कई बार गंभीर रोगियों की सही जांच के लि डिजिटल एक्स रे की जरूरत होती है। ऐसे में मरीजों को निजी लैब की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संवाद
मैन्युअल एक्स रे से अधिक रेडिएशन का खतरा
रानीखेत। मैन्युअल एक्सरे मशीन से अधिक रेडिएशन होता है इससे त्वचा रोग, सिर दर्द, बाल झड़ने या ब्लड कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे में अस्पताल पहुंचे मरीजों की सुरक्षा को भी अनदेखा किया जा रहा है।
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अस्पताल में मैन्युअल एक्स रे मशीन स्थापित है। डिजिटल एक्स रे की मांग के समय-समय पर उच्चाधिकारियों से की जाती है। पहले मौजूद डिजिटल एक्स रे मशीन खराब है।-डॉ संदीप दीक्षित, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।
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रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में ताड़ीखेत, द्वाराहाट के साथ गढ़वाल के गैरसैण सहित अन्य स्थानों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां हर रोज हड्डी रोज से जूझ रहे 50 से अधिक मरीजों का उपचार होता है। ऐसे मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए वर्ष 2010 में यहां डिजिटल एक्स रे मशीन स्थापित की थी जो सिर्फ पांच साल बाद भी जवाब दे गई। खराबी आने से मशीन को स्टोर रूम में रख दिया गया लेकिन इसे ठीक करने के प्रयास नहीं हुए। मैन्युअल एक्स रे जांच कर काम चलाया जा रहा है। कई बार गंभीर रोगियों की सही जांच के लि डिजिटल एक्स रे की जरूरत होती है। ऐसे में मरीजों को निजी लैब की दौड़ लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संवाद
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मैन्युअल एक्स रे से अधिक रेडिएशन का खतरा
रानीखेत। मैन्युअल एक्सरे मशीन से अधिक रेडिएशन होता है इससे त्वचा रोग, सिर दर्द, बाल झड़ने या ब्लड कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे में अस्पताल पहुंचे मरीजों की सुरक्षा को भी अनदेखा किया जा रहा है।
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अस्पताल में मैन्युअल एक्स रे मशीन स्थापित है। डिजिटल एक्स रे की मांग के समय-समय पर उच्चाधिकारियों से की जाती है। पहले मौजूद डिजिटल एक्स रे मशीन खराब है।-डॉ संदीप दीक्षित, चिकित्सा अधीक्षक, उप जिला चिकित्सालय, रानीखेत।