{"_id":"66562f484f24e6521603a324","slug":"people-face-problems-almora-news-c-232-1-alm1001-112511-2024-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: सिंचाई विभाग ने बनाया पेयजल टैंक, वन विभाग ने तोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: सिंचाई विभाग ने बनाया पेयजल टैंक, वन विभाग ने तोड़ा
Wed, 29 May 2024 12:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 29 May 2024 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा/धौलछीना। भैंसियाछाना विकासखंड के कुंज किमौला में सिंचाई विभाग ने 22 लाख रुपये से ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए बने टैंक को वन विभाग ने तोड़ डाला। वन विभाग ने कहा कि हमारी जमीन पर अवैध रूप से टैंक बनाया गया है। टैंक तोड़ने से गांव में जलापूर्ति ठप हो गई है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत कुंज किमौला के ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बीते वर्ष 22 लाख रुपये से ढाई किमी लंबी पेयजल योजना और गांव के नजदीक टैंक बनाया गया था। 30 परिवारों को इससे जलापूर्ति हो रही थी। मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टैंक को तोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की जमीन पर टैंक का अवैध रूप से निर्माण किया गया था। टैंक क्षतिग्रस्त होने से गांव में जलापूर्ति ठप है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी वन विभाग से एनओसी न लेने की बात कर रहे हैं। सिंचाई विभाग ने बगैर एनओसी के वन विभाग की भूमि पर लाखों रुपये की पेयजल योजना बना डाली। ऐसे में सरकारी धन बर्बाद हो गया और गांव में जलापूर्ति भी ठप हो गई।
ग्रामीणों में आक्रोश
धौलछीना। क्षेत्र पंचायत सदस्य नवीन दुर्गापाल, नवीन चंद्र, नयन सिंह, कृष्ण सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने टैंक तोड़ने पर वन विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि लाखों की योजना को तोड़ना गलत है। उन्होंने प्रशासन से वन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
कनारीछीना के रेंजर आशुतोष जोशी ने बताया कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने वन भूमि पर टैंक बनाने की शिकायत की थी। वन भूमि पर ही टैंक बना है, इसके लिए अनुमति नहीं ली गई। टैंक को तोड़ा गया है।
ईई मोहन सिंह रावत ने कहा कि योजना के लिए वन विभाग की तरफ से एनओसी नहीं ली गई। ग्रामीणों के आग्रह पर योजना का निर्माण किया गया। वन विभाग को टैंक तोड़ने से पहले नोटिस देना चाहिए।
विज्ञापन
जल जीवन मिशन योजना के तहत कुंज किमौला के ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बीते वर्ष 22 लाख रुपये से ढाई किमी लंबी पेयजल योजना और गांव के नजदीक टैंक बनाया गया था। 30 परिवारों को इससे जलापूर्ति हो रही थी। मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टैंक को तोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की जमीन पर टैंक का अवैध रूप से निर्माण किया गया था। टैंक क्षतिग्रस्त होने से गांव में जलापूर्ति ठप है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी वन विभाग से एनओसी न लेने की बात कर रहे हैं। सिंचाई विभाग ने बगैर एनओसी के वन विभाग की भूमि पर लाखों रुपये की पेयजल योजना बना डाली। ऐसे में सरकारी धन बर्बाद हो गया और गांव में जलापूर्ति भी ठप हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों में आक्रोश
धौलछीना। क्षेत्र पंचायत सदस्य नवीन दुर्गापाल, नवीन चंद्र, नयन सिंह, कृष्ण सिंह, भूपेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने टैंक तोड़ने पर वन विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया है। उन्होंने कहा कि लाखों की योजना को तोड़ना गलत है। उन्होंने प्रशासन से वन विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
कनारीछीना के रेंजर आशुतोष जोशी ने बताया कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने वन भूमि पर टैंक बनाने की शिकायत की थी। वन भूमि पर ही टैंक बना है, इसके लिए अनुमति नहीं ली गई। टैंक को तोड़ा गया है।
ईई मोहन सिंह रावत ने कहा कि योजना के लिए वन विभाग की तरफ से एनओसी नहीं ली गई। ग्रामीणों के आग्रह पर योजना का निर्माण किया गया। वन विभाग को टैंक तोड़ने से पहले नोटिस देना चाहिए।