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दोबारा नर्सरी बनाकर मोरपंखी और बांज के पौधे तैयार होंगे
अमर उजाला ब्यूरो मौलेखाल (अल्मोड़ा)।
Updated Tue, 27 Feb 2018 10:42 PM IST
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मौलेखाल के जंगल में सोमवार की रात भर आग भड़की रही और सुबह तक बहुमूल्य वन संपदा जलकर राख हो गई। जंगल की आग में मनरेगा के तहत तैयार किए गए बांज और मोरपंखी के पौधे जल कर नष्ट हो गए हैं। इधर मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी ने कहा है कि वन पंचायत का प्रस्ताव मिलने पर दोबारा नर्सरी बना कर पौध तैयार कर दिए जाएंगे।
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सोमवार को सल्ट विकासखंड के अंतर्गत मौलेखाल के जंगल में आग भड़क गई थी। जिसमें वन पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के तहत तैयार किए गए बांज और मोरपंखी के 500 पौधों की नर्सरी आग में जल कर नष्ट हो गई। यहां से 25 किमी दूर मानिला में वन विभाग का कार्यालय है, लेकिन जंगल आग में जलता रहा और वन कर्मचारी इसे बचाने तक नहीं पहुंचे।
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जंगल में तबाही मचाने के बाद मंगलवार की सुबह आग खुद बुझ गई। आग बुझने के बाद जंगल से सटे खेतों में रखे गए घास के लुट्टे किसी तरह बच गए।
इधर मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी गंभीर चंद्र रमोला ने बताया कि मनरेगा के तहत मौलेखाल में वन पंचायत की भूमि में मोरपंखी और बांज के करीब 500 पौध तैयार किए गए थे जो अग्निकांड में जलकर नष्ट हो गए हैं। उन्होंने बताया कि गांव की कार्य योजना में मौलेखाल के जंगल में पुन: पौध तैयार करने की योजना बनाई जाएगी।
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