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ऑपरेटर न होने की वजह से पांच महीने से बंद पड़ा जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट
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अल्मोड़ा के जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में लाखों की कीमत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट पिछले पांच महीनों से ऑपरेटर न होने की वजह से बंद पड़ा है। मार्च 2022 में कार्यरत कर्मचारी को सेवा विस्तार न मिलने से उसने भी नौकरी छोड़ दी। करीब 23 बेड के जिला अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई बाहरी स्रोतों से लेनी पड़ रही है। अनदेखी भी इतनी कि दोबारा नियुक्ति के आदेश आने के बाद भी ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं की गई है।
अल्मोड़ा का जिला अस्पताल खुद का ऑक्सीजन प्लांट होने के बाद भी आधी से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति बाहरी स्रोतों से कर रहा है। जिला अस्पताल में अप्रैल 2022 से ऑक्सीजन प्लांट पर ऑपरेटर ही नियुक्त नहीं है। दो साल पहले उपनल के माध्यम से मनमोहन बोरा नाम को ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया था। मार्च 2022 में मनमोहन को सेवा विस्तार नहीं मिल सका। तब से ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है। विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया और खुद के पास व्यवस्था होने के बाद भी बाहर से आपूर्ति होने लगी। जानकारी की गई तो ऑपरेटर रखने के लिए शासन के पास बजट न होने की बात भी सामने आई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले ऑक्सीजन प्लांट पर तकनीकीव्यक्ति की नियुक्ति के निर्देश उच्चाधिकारियों के पास पहुंचे थे लेकिन उनकी अनदेखी कर दी गई।
दो से चार ऑपरेटरों की जरूरत
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट 216 लीटर क्षमता का है। एक बार बंद करने के बाद भी करीब दो से चार घंटे का बैकअप
लिया जा सकता है। हालांकि ऑपरेट करने के
लिए कम से कम चार ऑपरेटराें की जरूरत है। वहीं, वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांट के लिए एक ऑपरेटर भी नियुक्त नहीं है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साल 2021 में जब इस प्लांट के लगने की शुरुआत हुई थी तब इसकी लागत करीब एक करोड़ रुपये थी। बाद में प्लांट के साथ लगने वाला बूस्टर पार्ट नहीं लगाया गया जिसके बदले में 20-22 लाख रुपये शासन को वापस कर दिए गए थे और ऑक्सीजन प्लांट की कीमत तकरीबन 78-80 लाख के बीच में आई थी।
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प्लांट संचालन में आ रही दिक्कतों की होगी जांच
सीएमओ आरसी पंत ने बताया कि तकनीकीव्यक्ति के जाने के बाद जब अन्य कर्मचारियों से ऑक्सीजन प्लांट को ऑपरेट कराया गया तो प्लांट ऑपरेट करने में दिक्कतें सामने आईं। इसका कारण तकनीकी जानकारी का अभाव बताया जा रहा है। सीएमओ ने जूनियर इंजीनियर को बुलाकर प्लांट में ऑपरेट करने में सामने आ रही दिक्कतों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल के अन्य कर्मियों से ऑपरेट कराने का प्रयास किया गया था लेकिन तकनीकी जानकारी न होने की वजह से वे ऑपरेट नहीं कर पा रहे हैं। पिछले दो हफ्ते से यह समस्या ज्यादा सामने आ रही है। जल्द इसके निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोर्ट का फैसला आने पर आउससोर्सिंग कर्मी को नियुक्त भी किया जाएगा।
-आरसी पंत, अल्मोड़ा, सीएमओ
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अल्मोड़ा का जिला अस्पताल खुद का ऑक्सीजन प्लांट होने के बाद भी आधी से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति बाहरी स्रोतों से कर रहा है। जिला अस्पताल में अप्रैल 2022 से ऑक्सीजन प्लांट पर ऑपरेटर ही नियुक्त नहीं है। दो साल पहले उपनल के माध्यम से मनमोहन बोरा नाम को ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया था। मार्च 2022 में मनमोहन को सेवा विस्तार नहीं मिल सका। तब से ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है। विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया और खुद के पास व्यवस्था होने के बाद भी बाहर से आपूर्ति होने लगी। जानकारी की गई तो ऑपरेटर रखने के लिए शासन के पास बजट न होने की बात भी सामने आई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले ऑक्सीजन प्लांट पर तकनीकीव्यक्ति की नियुक्ति के निर्देश उच्चाधिकारियों के पास पहुंचे थे लेकिन उनकी अनदेखी कर दी गई।
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दो से चार ऑपरेटरों की जरूरत
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिला अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट 216 लीटर क्षमता का है। एक बार बंद करने के बाद भी करीब दो से चार घंटे का बैकअप
लिया जा सकता है। हालांकि ऑपरेट करने के
लिए कम से कम चार ऑपरेटराें की जरूरत है। वहीं, वर्तमान में ऑक्सीजन प्लांट के लिए एक ऑपरेटर भी नियुक्त नहीं है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साल 2021 में जब इस प्लांट के लगने की शुरुआत हुई थी तब इसकी लागत करीब एक करोड़ रुपये थी। बाद में प्लांट के साथ लगने वाला बूस्टर पार्ट नहीं लगाया गया जिसके बदले में 20-22 लाख रुपये शासन को वापस कर दिए गए थे और ऑक्सीजन प्लांट की कीमत तकरीबन 78-80 लाख के बीच में आई थी।
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प्लांट संचालन में आ रही दिक्कतों की होगी जांच
सीएमओ आरसी पंत ने बताया कि तकनीकीव्यक्ति के जाने के बाद जब अन्य कर्मचारियों से ऑक्सीजन प्लांट को ऑपरेट कराया गया तो प्लांट ऑपरेट करने में दिक्कतें सामने आईं। इसका कारण तकनीकी जानकारी का अभाव बताया जा रहा है। सीएमओ ने जूनियर इंजीनियर को बुलाकर प्लांट में ऑपरेट करने में सामने आ रही दिक्कतों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अस्पताल के अन्य कर्मियों से ऑपरेट कराने का प्रयास किया गया था लेकिन तकनीकी जानकारी न होने की वजह से वे ऑपरेट नहीं कर पा रहे हैं। पिछले दो हफ्ते से यह समस्या ज्यादा सामने आ रही है। जल्द इसके निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोर्ट का फैसला आने पर आउससोर्सिंग कर्मी को नियुक्त भी किया जाएगा।
-आरसी पंत, अल्मोड़ा, सीएमओ