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अल्मोड़ा जिला अस्पताल में लंबे समय से ठप पड़े ऑपरेशन
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल अल्मोड़ा के एकमात्र निश्चेतक के लंबे अवकाश में जाने से अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन ठप पड़े हैं। वैकल्पिक व्यवस्था कर अस्थि रोग के कुछ छोटे ऑपरेशन किए जा रहे हैं लेकिन सर्जिकल ऑपरेशन ठप होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार मरीजों को सामान्य ऑपरेशन के लिए हल्द्वानी या फिर निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
कोरोना के चलते पिछले साल मार्च से बेस अस्पताल अल्मोड़ा को कोविड सेंटर बनाया गया है। इसके बाद से बेस अस्पताल में अभी तक ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाए हैं। लॉकडाउन में जिला अस्पताल में भी ऑपरेशन नहीं हो पाए। करीब तीन माह बाद जारी गाइडलाइन के अनुसार अस्पताल में गंभीर अवस्था में कुछ सामान्य ऑपरेशन हुए लेकिन अगस्त में एकमात्र निश्चेतक उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर चले गए। इसके बाद से ऑपरेशन ठप पड़े हैं। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था कर कुछ छोटे ऑपरेशन किए गए। दिसंबर से एकमात्र सर्जन भी उच्च शिक्षा के लिए छुट्टी पर जा चुके हैं। इसके बाद से अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन पूरी तरह से बंद हैं। वहीं अस्थि रोग विशेषज्ञ भी उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर गए है। बेस अस्पताल के सर्जन और अस्थि रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल संबद्ध किया गया है लेकिन अब भी निश्चेतक के अभाव में नियमित ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। बेस से ही निश्चेतक की व्यवस्था कर कुछ छोटे-मोटे ऑपरेशन की किए जा रहे हैं। सामान्य आपरेशन नहीं होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हड्डी जोड़ने के लिए तीन ऑपरेशन हुए
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था कर हड्डी के छोटे ऑपरेशन हो रहे हैं। यहां सीआर्म मशीन लंबे समय से खराब है, निश्चेतक की व्यवस्था हो भी जाए तो भी गंभीर ऑपरेशन हो पाना संभव नही है। पथरी, हार्निया, ट्यूमर समेत तमाम ऑपरेशन ठप है। हालांकि कुछ छोटे ऑपरेशन किए जा रहे हैं। तीन माह में घुटने के एक और हाथ फैक्चर के दो ऑपरेशन किए गए।
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बेस से सर्जन और निश्चेतक अटैच हैं, छोटे और कुछ सामान्य ऑपरेशन हो रहे हैं। जल्द ही नियमित ऑपरेशन की व्यवस्था की जाएगी। - डॉ. आरसी पंत, पीएमएस जिला अस्पताल अल्मोड़ा।
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कोरोना के चलते पिछले साल मार्च से बेस अस्पताल अल्मोड़ा को कोविड सेंटर बनाया गया है। इसके बाद से बेस अस्पताल में अभी तक ऑपरेशन शुरू नहीं हो पाए हैं। लॉकडाउन में जिला अस्पताल में भी ऑपरेशन नहीं हो पाए। करीब तीन माह बाद जारी गाइडलाइन के अनुसार अस्पताल में गंभीर अवस्था में कुछ सामान्य ऑपरेशन हुए लेकिन अगस्त में एकमात्र निश्चेतक उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर चले गए। इसके बाद से ऑपरेशन ठप पड़े हैं। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था कर कुछ छोटे ऑपरेशन किए गए। दिसंबर से एकमात्र सर्जन भी उच्च शिक्षा के लिए छुट्टी पर जा चुके हैं। इसके बाद से अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन पूरी तरह से बंद हैं। वहीं अस्थि रोग विशेषज्ञ भी उच्च शिक्षा के लिए अवकाश पर गए है। बेस अस्पताल के सर्जन और अस्थि रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल संबद्ध किया गया है लेकिन अब भी निश्चेतक के अभाव में नियमित ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। बेस से ही निश्चेतक की व्यवस्था कर कुछ छोटे-मोटे ऑपरेशन की किए जा रहे हैं। सामान्य आपरेशन नहीं होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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हड्डी जोड़ने के लिए तीन ऑपरेशन हुए
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था कर हड्डी के छोटे ऑपरेशन हो रहे हैं। यहां सीआर्म मशीन लंबे समय से खराब है, निश्चेतक की व्यवस्था हो भी जाए तो भी गंभीर ऑपरेशन हो पाना संभव नही है। पथरी, हार्निया, ट्यूमर समेत तमाम ऑपरेशन ठप है। हालांकि कुछ छोटे ऑपरेशन किए जा रहे हैं। तीन माह में घुटने के एक और हाथ फैक्चर के दो ऑपरेशन किए गए।
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बेस से सर्जन और निश्चेतक अटैच हैं, छोटे और कुछ सामान्य ऑपरेशन हो रहे हैं। जल्द ही नियमित ऑपरेशन की व्यवस्था की जाएगी। - डॉ. आरसी पंत, पीएमएस जिला अस्पताल अल्मोड़ा।