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सिस्टम बदहाल: 11 साल में महज तीन किमी सड़क पर हो सका डामरीकरण
Mon, 02 Oct 2023 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 02 Oct 2023 11:26 PM IST
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बदहाल पड़ी गरगूंठ सड़क। संवाद
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अल्मोड़ा। बेस अस्पताल से विकास भवन और मेडिकल कॉलेज को जोड़ने वाली 12 किमी सड़क पर 11 साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में इस सड़क से जुड़े छह से अधिक गांवों की आठ हजार से अधिक के साथ ही इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल आने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में किसी के बीमार होने या प्रसव के लिए गर्भवतियों को सड़क पर गड्ढे होने के कारण हिचकोले खाते हुए वाहन से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
वर्ष 2012 में गरगूंठ, पहल, पौधार, तलाड़, बाड़ी, खत्याड़ी समेत छह से अधिक गांवों के साथ ही बेस अस्पताल को जोड़ने के लिए सड़क बनाई गई, जिस पर आज तक डामरीकरण पूरा नहीं हो सका है। पूूर्व में तीन किमी दायरे में डामरीकरण किया गया और आगे की सड़क को बदहाल छोड़ दिया गया।
हालत यह है कि अब पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस पर ग्रामीण और मरीज खतरे के बीच सफर कर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचने में हो रही है। वे किसी तरह गड्ढों के बीच खतरे का सफर कर अस्पताल पहुंच रही हैं। संवाद
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बोले ग्रामीण
इस सड़क को स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों में काफी खुशी थी। लेकिन 11 साल से सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। पहले हुआ डामर भी उखड़ चुका है, इससे सड़क का कोई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। सड़क को जल्द ठीक करने के प्रयास होने चाहिए। - देवकी देवी
लंबे समय से सड़क पर डामरीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग को लोगों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। जो परेशानी लोग सड़क बनने से पहले झेल रहे थे वही आज भी है। कई बार प्रशासन से सड़क पर डामीकरण की मांग की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -जानकी देवी
12 किमी लंबी सड़क का कटान तो हुआ, लेकिन तीन किमी सड़क पर ही डामरीकरण हुआ, वो भी अब पूरी तरह उखड़ चुका है। ग्रामीणों द्वारा मांग करने पर प्रशासन सिर्फ डामरीकरण कराने का आश्वासन ही देता रहा है।- मुकेश कुमार, ग्राम प्रधान गरगूंठ अल्मोड़ा।
कोट
डामरीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।
- सुनील कुमार, ईई, लोनिवि, अल्मोड़ा।
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वर्ष 2012 में गरगूंठ, पहल, पौधार, तलाड़, बाड़ी, खत्याड़ी समेत छह से अधिक गांवों के साथ ही बेस अस्पताल को जोड़ने के लिए सड़क बनाई गई, जिस पर आज तक डामरीकरण पूरा नहीं हो सका है। पूूर्व में तीन किमी दायरे में डामरीकरण किया गया और आगे की सड़क को बदहाल छोड़ दिया गया।
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हालत यह है कि अब पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस पर ग्रामीण और मरीज खतरे के बीच सफर कर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवतियों को अस्पताल पहुंचने में हो रही है। वे किसी तरह गड्ढों के बीच खतरे का सफर कर अस्पताल पहुंच रही हैं। संवाद
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बोले ग्रामीण
इस सड़क को स्वीकृति मिलने पर ग्रामीणों में काफी खुशी थी। लेकिन 11 साल से सड़क पर डामरीकरण नहीं हो सका है। पहले हुआ डामर भी उखड़ चुका है, इससे सड़क का कोई लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। सड़क को जल्द ठीक करने के प्रयास होने चाहिए। - देवकी देवी
लंबे समय से सड़क पर डामरीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग को लोगों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। जो परेशानी लोग सड़क बनने से पहले झेल रहे थे वही आज भी है। कई बार प्रशासन से सड़क पर डामीकरण की मांग की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -जानकी देवी
12 किमी लंबी सड़क का कटान तो हुआ, लेकिन तीन किमी सड़क पर ही डामरीकरण हुआ, वो भी अब पूरी तरह उखड़ चुका है। ग्रामीणों द्वारा मांग करने पर प्रशासन सिर्फ डामरीकरण कराने का आश्वासन ही देता रहा है।- मुकेश कुमार, ग्राम प्रधान गरगूंठ अल्मोड़ा।
कोट
डामरीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।
- सुनील कुमार, ईई, लोनिवि, अल्मोड़ा।