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अब कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों का अल्मोड़ा में होगा उपचार
अमित उप्रेती अल्मोड़ा।
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:29 PM IST
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जिला मुख्यालय में जल्द ही न्यूट्रेशन रिहेबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) खुलने जा रहा है। ऊधमसिंह नगर के बाद यह कुमाऊं रीजन का दूसरा एनआरसी सेंटर होगा। दस बिस्तरों वाले एनआरसी सेंटर में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को मां के साथ विशेषज्ञ डाक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। यही नहीं कुपोषित बच्चों को इस सेंटर में पर्याप्त उपचार होने तक रखा जाएगा। सेंटर खुलने के बाद अल्मोड़ा के अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर आदि पर्वतीय जिलों के अति कुपोषित बच्चे यहां बेहतर उपचार पा सकेंगे।
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दरअसल जिले में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की बढ़ती संख्या और यहां उपचार के साधन नहीं होने के कारण पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल ने शासन को अल्मोड़ा में एनआरसी सेंटर खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा था। जिसे शासन ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्य के पहले चरण में जिला अस्पताल में इसके लिए अलग वार्ड तैयार किया जा चुका है। यह वार्ड दस बिस्तरों वाला होगा। जिसमें रसोईघर भी शामिल किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इसमें विशेषज्ञ डाक्टरों के अलावा न्यूट्रीशियन काउंसलर, कुक और अन्य स्टाफ की भी नियुक्ति की जाएगी। एनआरसी सेंटर में जन्म से लेकर 19 साल तक के कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की निशुल्क जांच की जाएगी और उन्हें भर्ती कर उच्च कोटी का न्यूट्रीशियन दिया जाएगा। बच्चे छोटे होने पर उन्हें मां के साथ ही अस्पताल में रखा जाएगा। जिला अस्पताल को बजट के रूप में दो लाख रुपये भी दिए जा चुके हैं।
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अल्मोड़ा में खुलने जा रहे न्यूट्रेशन रिहेबिलिटेशन सेंटर के लिए जिला अस्पताल में वार्ड तैयार हो गया है। विशेषज्ञों की भर्ती के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है। उसके बाद यहां कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का उपचार संभव हो सकेगा।
डा. सविता ह्यांकि, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी।