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अब होगा आमरण अनशन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, (चौखुटिया) अल्मोड़ा
Updated Fri, 10 Apr 2015 12:05 AM IST
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सिंचाई पंप बनाने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत बरलगांव के ग्रामीणों का आंदोलन जारी है। सिंचाई कार्यालय परिसर में पांचवें दिन तीन लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने 11 अप्रैल से आमरण अनशन की चेतावनी दी है। सिंचाई की समस्या हल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन तेज होने लगा है। ग्रामीणाें का कहना है कि समस्या हल नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पांचवें दिन दान सिंह बोरा, हर्षनाथ, प्रताप सिंह सहित तीन लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। इस मौके पर हुई सभा में आंदोलनकारियों ने 11 अप्रैल से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। प्रधान हीरा सिंह थापा का कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बरलगांव और गोदी के लिए तड़ाग गधेरे से वर्षों पूर्व नहर बनाई गई थी। गर्मियों में तड़ाग गधेरे में पानी कम हो जाता है। गधेरे में जो थोड़ा पानी रहता भी है तो उससे ऊपरी क्षेत्र के गांवों में सिंचाई हो जाती है। आमतौर पर गर्मियों में बरलगांव की नहर सूख जाती है।
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ग्रामीण बताते हैं कि यह दिक्कत मार्च से शुरू हो जाती है। इसी समस्या के चलते गांव के लोग छिटका विधि से गेहूं बोते हैं, जिसमें पानी की कम आवश्यकता होती है। इस विधि से उत्पादन भी कम होता है। ग्रामीण समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव के निकट में बहने वाली राम गंगा से पंपिंग योजना बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सिंचाई विभाग पंप नहीं लगा सकता है तो वह उन्हें एनओसी दे दे। ताकि लघु डाल सिंचाई खंड से योजना का निर्माण कराया जा सके।
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पांचवें दिन दान सिंह बोरा, हर्षनाथ, प्रताप सिंह सहित तीन लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। इस मौके पर हुई सभा में आंदोलनकारियों ने 11 अप्रैल से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। प्रधान हीरा सिंह थापा का कहना है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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बरलगांव और गोदी के लिए तड़ाग गधेरे से वर्षों पूर्व नहर बनाई गई थी। गर्मियों में तड़ाग गधेरे में पानी कम हो जाता है। गधेरे में जो थोड़ा पानी रहता भी है तो उससे ऊपरी क्षेत्र के गांवों में सिंचाई हो जाती है। आमतौर पर गर्मियों में बरलगांव की नहर सूख जाती है।
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ग्रामीण बताते हैं कि यह दिक्कत मार्च से शुरू हो जाती है। इसी समस्या के चलते गांव के लोग छिटका विधि से गेहूं बोते हैं, जिसमें पानी की कम आवश्यकता होती है। इस विधि से उत्पादन भी कम होता है। ग्रामीण समस्या के स्थायी समाधान के लिए गांव के निकट में बहने वाली राम गंगा से पंपिंग योजना बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सिंचाई विभाग पंप नहीं लगा सकता है तो वह उन्हें एनओसी दे दे। ताकि लघु डाल सिंचाई खंड से योजना का निर्माण कराया जा सके।