{"_id":"5c22772abdec22570e7902b8","slug":"not-only-do-not-people-of-bhainesagad-are-sitting","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूं ही नहीं धरने पर नहीं बैठे हैं भैंसियागाड़ के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूं ही नहीं धरने पर नहीं बैठे हैं भैंसियागाड़ के लोग
Wed, 26 Dec 2018 12:00 AM IST
nazim nazim
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: nazim nazim
Updated Wed, 26 Dec 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
चौखुटिया के भैंसियागाड़ में पांचवे दिन क्रमिक अनशन पर तैनात ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भैंसियागाड़ के लोग यूं ही पिछले पांच दिन से यहां धरने पर नहीं बैठे हैं। पिछले बीस साल से एक ही समस्या से जूझ रहे हैं ये लोग। इनका कहना है कि कागजों में हुए फेरबदल का ही परिणाम है कि बरसात में उन्हें प्रधान के घर तक पहुंचने में पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इससे पहले उनके प्रधान का गांव केवल 300 मीटर की दूरी पर ही था।
ग्राम पंचायत नौगांव बेड़िया के तोक गांव भैंसियागाड़ में 25 परिवार रहते हैं। भैंसियागाड़ पूर्व में ग्राम पंचायत ढनांण का हिस्सा था। करीब बीस साल इस गांव को मूल ग्राम पंचायत ढनांण से हटाकर नौगांव बेड़िया में शामिल कर दिया। संघर्ष समिति की अध्यक्ष हीरादेवी और सचिव प्रेमसिंह मेहरा का कहना है कि बरसात के मौसम में उन्हें अपने ही गांव के नौगांव बेड़िया के प्रधान तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ढनांण महज तीन सौ मीटर की दूरी पर है। ग्रामीण भौगोलिक दृष्टि तथा अन्य व्यवहारिक परेशानियों को देखते हुए भैंसियागाड़ को नौगांव बेड़िया से हटाकर पूर्व की भांति ढनाण में शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं।
सड़क भी नहीं दे रहे....
ग्रामीणों की दूसरी मांग जाबर से भैंसियागाड़ तक सड़क बनाने की मांग है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क से गांव तक का रास्ता जंगल का है। गांव के बच्चे तड़ागताल व चौखुटिया पढ़ते हैं। जिन्हें स्कूल पहुंचने व वापस सुरक्षित लौटने की बड़ी समस्या है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय सैनी का कहना है कि जाबर से भैंसियागाड़ तक सड़क निर्माण का विभाग के पास फिलहाल कोई प्रस्ताव नही है।
विज्ञापन
कोट.........
- भैंसियागाड़ राजस्व गांव तड़ागताल का तोक है। भैंसियागाड़ के 25 परिवारों के साथ ही तड़ागताल के सात परिवार भी लिखित रूप से ढनाण में मिलाने की मांग करते हैं तो दोनों को मिलाया जा सकता है। तड़ागताल के लोग इसके लिए तैयार नही हैं। एक राजस्व गांव को दो ग्राम पंचायतों में नहीं मिलाया जा सकता है। भैंसियागाड़ के पूर्व में ढनाण के साथ शामिल होने की बात है वह भूलवश हो गया होगा।
-नीलकंठ भट्ट, बीडीओ चौखुटिया
जारी रहा धरना............
चौखुटिया। भैंसियागाड़ के ग्रामीणों का क्रमिक अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। पांचवें दिन बलवंत सिंह, भोपाल सिंह, हेमा देवी तथा पार्वती देवी सहित कुल चार लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने की बात कही है। अनशन के समर्थन में हिम्मत सिंह, प्रेम सिंह मेहरा, हीरादेवी, भावना देवी, भूरसिंह, रुद्र सिंह आदि धरने पर बैठे।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत नौगांव बेड़िया के तोक गांव भैंसियागाड़ में 25 परिवार रहते हैं। भैंसियागाड़ पूर्व में ग्राम पंचायत ढनांण का हिस्सा था। करीब बीस साल इस गांव को मूल ग्राम पंचायत ढनांण से हटाकर नौगांव बेड़िया में शामिल कर दिया। संघर्ष समिति की अध्यक्ष हीरादेवी और सचिव प्रेमसिंह मेहरा का कहना है कि बरसात के मौसम में उन्हें अपने ही गांव के नौगांव बेड़िया के प्रधान तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ढनांण महज तीन सौ मीटर की दूरी पर है। ग्रामीण भौगोलिक दृष्टि तथा अन्य व्यवहारिक परेशानियों को देखते हुए भैंसियागाड़ को नौगांव बेड़िया से हटाकर पूर्व की भांति ढनाण में शामिल करने की मांग करते आ रहे हैं।
विज्ञापन
सड़क भी नहीं दे रहे....
ग्रामीणों की दूसरी मांग जाबर से भैंसियागाड़ तक सड़क बनाने की मांग है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़क से गांव तक का रास्ता जंगल का है। गांव के बच्चे तड़ागताल व चौखुटिया पढ़ते हैं। जिन्हें स्कूल पहुंचने व वापस सुरक्षित लौटने की बड़ी समस्या है। लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता विजय सैनी का कहना है कि जाबर से भैंसियागाड़ तक सड़क निर्माण का विभाग के पास फिलहाल कोई प्रस्ताव नही है।
विज्ञापन
कोट.........
- भैंसियागाड़ राजस्व गांव तड़ागताल का तोक है। भैंसियागाड़ के 25 परिवारों के साथ ही तड़ागताल के सात परिवार भी लिखित रूप से ढनाण में मिलाने की मांग करते हैं तो दोनों को मिलाया जा सकता है। तड़ागताल के लोग इसके लिए तैयार नही हैं। एक राजस्व गांव को दो ग्राम पंचायतों में नहीं मिलाया जा सकता है। भैंसियागाड़ के पूर्व में ढनाण के साथ शामिल होने की बात है वह भूलवश हो गया होगा।
-नीलकंठ भट्ट, बीडीओ चौखुटिया
जारी रहा धरना............
चौखुटिया। भैंसियागाड़ के ग्रामीणों का क्रमिक अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। पांचवें दिन बलवंत सिंह, भोपाल सिंह, हेमा देवी तथा पार्वती देवी सहित कुल चार लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने तक अनशन जारी रखने की बात कही है। अनशन के समर्थन में हिम्मत सिंह, प्रेम सिंह मेहरा, हीरादेवी, भावना देवी, भूरसिंह, रुद्र सिंह आदि धरने पर बैठे।