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पीएससी हवालबाग को अल्ट्रासाउंड मशीन की दरकार
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हवालबाग
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हवालबाग पर क्षेत्र की करीब चार से पांच हजार की आबादी निर्भर है लेकिन यहां मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है जबकि गर्भवती भी यहां इलाज के लिए पहुंचतीं हैं। प्रसव संबंधी ऑपरेशन भी यहां कराए जाते हैं। मरीजों की देखरेख के लिए यहां एक स्टाफ नर्स तक नहीं है।
हवालबाग का पीएचसी जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर है। वहां रहने वाले ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं दिलाने के लिए क्षेत्र में पीएचसी स्थापित किया गया है। पूरे हवालबाग ब्लॉक में अन्य स्थानों पर एपीएचसी होने के कारण ब्लॉक की गर्भवती भी यहां इलाज के लिए पहुंचतीं हैं जिनकी प्रसव संबंधी जांचों की यहां सुविधा है लेकिन उनके लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। इससे महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए 15 किमी दूर जिला मुख्यालय में आना पड़ता है। मरीजों की देखरेख और उनके इलाज के लिए यहां तीन स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं है। अल्ट्रासाउंड के लिए महिलाएं जिला और महिला अस्पताल में पहुंचती है, जिससे यहां भी लोड बड़ता है। लोगों का कहना है कि अगर यहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल जाए तो गर्भवती समेत कई मरीजों को मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। बेस और महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड का भार कम होगा।
क्या कहते हैं ग्रामीण
हवालबाग ब्लॉक के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से गर्भवती महिलाओं को जिला मुख्यालय अल्मोड़ा जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए यहां अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करनी चाहिए। - चंद्रा नेगी।
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हवालबाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र की काफी आबादी निर्भर है। यहां मरीजों के इलाज के लिए अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी है। इससे जांचें कराने के बाद अल्ट्रासाउंड के लिए अल्मोड़ा की दौड़ लगानी पड़ती है। - सावित्री बिष्ट।
पीएचसी हवालबाग में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत नहीं है लेकिन यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की भी जरूरत पड़ती है। अन्य जांच की सुविधा यहां उपलब्ध है। अल्ट्रासाउंड मशीन होने से गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा मिल सकती है। - डॉ. रंजन तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी (हवालबाग) अल्मोड़ा।
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हवालबाग का पीएचसी जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर है। वहां रहने वाले ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं दिलाने के लिए क्षेत्र में पीएचसी स्थापित किया गया है। पूरे हवालबाग ब्लॉक में अन्य स्थानों पर एपीएचसी होने के कारण ब्लॉक की गर्भवती भी यहां इलाज के लिए पहुंचतीं हैं जिनकी प्रसव संबंधी जांचों की यहां सुविधा है लेकिन उनके लिए अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। इससे महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए 15 किमी दूर जिला मुख्यालय में आना पड़ता है। मरीजों की देखरेख और उनके इलाज के लिए यहां तीन स्टाफ नर्स के पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं है। अल्ट्रासाउंड के लिए महिलाएं जिला और महिला अस्पताल में पहुंचती है, जिससे यहां भी लोड बड़ता है। लोगों का कहना है कि अगर यहां अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल जाए तो गर्भवती समेत कई मरीजों को मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। बेस और महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड का भार कम होगा।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
हवालबाग ब्लॉक के सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से गर्भवती महिलाओं को जिला मुख्यालय अल्मोड़ा जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए यहां अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करनी चाहिए। - चंद्रा नेगी।
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हवालबाग के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र की काफी आबादी निर्भर है। यहां मरीजों के इलाज के लिए अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन की कमी है। इससे जांचें कराने के बाद अल्ट्रासाउंड के लिए अल्मोड़ा की दौड़ लगानी पड़ती है। - सावित्री बिष्ट।
पीएचसी हवालबाग में रेडियोलॉजिस्ट का पद स्वीकृत नहीं है लेकिन यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की भी जरूरत पड़ती है। अन्य जांच की सुविधा यहां उपलब्ध है। अल्ट्रासाउंड मशीन होने से गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा मिल सकती है। - डॉ. रंजन तिवारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी (हवालबाग) अल्मोड़ा।