{"_id":"5b96b27c867a557ff8301b7e","slug":"no-uk-forest-land-handover-matter-pending-in-the-centre","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड का वन भूमि हस्तांतरण का कोई मामला केंद्र में लंबित नही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड का वन भूमि हस्तांतरण का कोई मामला केंद्र में लंबित नही
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:35 PM IST
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जीबी पंत संस्थान में प्रकाशनों का विमोचन करते केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डा. हर्षवर्धन, केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डा1. हर्षवर्धन ने कोसी कटारमल संस्थान में प्रशासन और वन विभाग के आला अफसरों की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद थे। वन पर्यावरण मंत्री ने कहा कि केंद्रीय वन मंत्रालय में राज्य का कोई मामला लंबित नहीं है।
वन भूमि से संबंधित सभी मामले ऑन लाइन प्रक्रिया से निस्तारित हो रहे हैं इनकी स्थिति को ऑन लाइन चेक भी किया जा सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वह सभी मामलों की समीक्षा अपने स्तर से करें।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित कोई मामला लंबित है तो वह नोडल और राज्य के वन मंत्रालय में लंबित होगा।
इसके लिए कार्यदायी संस्था और वन विभाग के अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेनी होगी। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि समीक्षा के बाद जिन मामलों का निस्तारण उनके स्तर से संभव नहीं हो उन्हें भारत सरकार को संदर्भित कर दें। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र की कई सड़कें वन अधिनियम के कारण लंबित चल रही हैं।
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द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी, कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल और गंगोलीहाट विधायक मीना गंगोला ने भी अपने क्षेत्रों में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामले रखे। केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वह इस बारे में अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। बैठक में मौजूद केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने वन विभाग के अधिकारियों को सभी मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अधिकतर मामले प्रभागीय वनाधिकारी स्तर पर निस्तारित हो सकते हैं। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने जिले के लंबित मामलों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, वन संरक्षक आईपी सिंह, डीएफओ पंकज कुमार, एसडीएम विवेक राय के अलावा लोनिवि, राष्ट्रीय राज मार्ग, पीएमजीएसवाई आदि निर्माण एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद थे।
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वन भूमि से संबंधित सभी मामले ऑन लाइन प्रक्रिया से निस्तारित हो रहे हैं इनकी स्थिति को ऑन लाइन चेक भी किया जा सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि वह सभी मामलों की समीक्षा अपने स्तर से करें।
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित कोई मामला लंबित है तो वह नोडल और राज्य के वन मंत्रालय में लंबित होगा।
इसके लिए कार्यदायी संस्था और वन विभाग के अधिकारियों को व्यक्तिगत रुचि लेनी होगी। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि समीक्षा के बाद जिन मामलों का निस्तारण उनके स्तर से संभव नहीं हो उन्हें भारत सरकार को संदर्भित कर दें। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र की कई सड़कें वन अधिनियम के कारण लंबित चल रही हैं।
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द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी, कपकोट विधायक बलवंत भौर्याल और गंगोलीहाट विधायक मीना गंगोला ने भी अपने क्षेत्रों में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामले रखे। केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वह इस बारे में अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। बैठक में मौजूद केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने वन विभाग के अधिकारियों को सभी मामलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अधिकतर मामले प्रभागीय वनाधिकारी स्तर पर निस्तारित हो सकते हैं। जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने जिले के लंबित मामलों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित, वन संरक्षक आईपी सिंह, डीएफओ पंकज कुमार, एसडीएम विवेक राय के अलावा लोनिवि, राष्ट्रीय राज मार्ग, पीएमजीएसवाई आदि निर्माण एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद थे।