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शहीद का गांव स्वास्थ्य सुविधा से वंचित
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट का पैतृक गांव पीपली एक अदद स्वास्थ्य केंद्र के लिए जूझ रहा है। ग्रामीणों को 20 किमी दूर ताड़ीखेत या 35 किमी दूर रानीखेत आना पड़ता है। नजदीक अस्पताल नहीं होने के कारण कई बार गंभीर रोगियों की जान पर भी बन आती है।
दो साल पहले 16 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के ठीक बाद जम्मू के नौसेरा सेक्टर में आईआईडी बम को निष्क्रिय करने के दौरान पीपली का 29 वर्षीय लाल मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गया था। एक साल पहले पहली शहादत दिवस पर पीपली गांव में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में पहुंचे जिलाधिकारी के सम्मुख ग्रामीणों ने अस्पताल की समस्या प्रमुखता से उठाई थी। डीएम ने सार्थक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। प्रधान माया विद्यार्थी ने बताया कि सीएम की तरफ से घोषणा के बाद पीपली मोटर मार्ग का नाम शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट कर दिया गया है, लेकिन आस पास अस्पताल नहीं होने से भारी दिक्कतें हो रही हैं। छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए भी ग्रामीणों को 20 से 35 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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पीपली, जौणें, मलौटा, पंधार, सउना, चल्सिया, पड़ोली, सरना, नमला, लेटी, कुठार सहित आसपास के गांव स्वास्थ्य सुविधा से आज भी वंचित हैं। प्रधान माया विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि यदि सरकार शहीद मेजर के नाम से गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलती है तो शहीद के लिए यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। स्वास्थ्य केंद्र खुलवाने के लिए प्रधान माया विद्यार्थी ने अब मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात कही है।
- शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पैतृक गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग ग्रामीणों ने उठाई थी। जिलाधिकारी महोदय ने भी इस मामले को प्राथमिकता के साथ लिया। मानकों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र खोलने का प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजा गया है। -डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ, अल्मोड़ा
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दो साल पहले 16 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के ठीक बाद जम्मू के नौसेरा सेक्टर में आईआईडी बम को निष्क्रिय करने के दौरान पीपली का 29 वर्षीय लाल मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गया था। एक साल पहले पहली शहादत दिवस पर पीपली गांव में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया।
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मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर कार्यक्रम में पहुंचे जिलाधिकारी के सम्मुख ग्रामीणों ने अस्पताल की समस्या प्रमुखता से उठाई थी। डीएम ने सार्थक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। प्रधान माया विद्यार्थी ने बताया कि सीएम की तरफ से घोषणा के बाद पीपली मोटर मार्ग का नाम शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट कर दिया गया है, लेकिन आस पास अस्पताल नहीं होने से भारी दिक्कतें हो रही हैं। छोटी सी बीमारी के उपचार के लिए भी ग्रामीणों को 20 से 35 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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पीपली, जौणें, मलौटा, पंधार, सउना, चल्सिया, पड़ोली, सरना, नमला, लेटी, कुठार सहित आसपास के गांव स्वास्थ्य सुविधा से आज भी वंचित हैं। प्रधान माया विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि यदि सरकार शहीद मेजर के नाम से गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलती है तो शहीद के लिए यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। स्वास्थ्य केंद्र खुलवाने के लिए प्रधान माया विद्यार्थी ने अब मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात कही है।
- शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के पैतृक गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग ग्रामीणों ने उठाई थी। जिलाधिकारी महोदय ने भी इस मामले को प्राथमिकता के साथ लिया। मानकों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र खोलने का प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजा गया है। -डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ, अल्मोड़ा