{"_id":"632b586034242f55a15beb79","slug":"no-principal-in-school-since-8-years-garud-news-hld4764895126","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ साल से बिना प्रधानाचार्य के चल रहा स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ साल से बिना प्रधानाचार्य के चल रहा स्कूल
विज्ञापन
गरुड़ के राइंका छत्यानी का भवन। संवाद
- फोटो : GARUD
गरुड़ (बागेश्वर)। गोमती घाटी का मान सिंह गुसाई राजकीय इंटर कॉलेज (राइंका) छत्यानी आठ साल से बगैर प्रधानाचार्य के चल रहा है। स्कूल का भवन बाहर से देखने में तो ठीक है लेकिन हल्की बारिश में छत टपकने लगती है। स्कूल में प्रयोगशाला न होने से विज्ञान के विद्यार्थियों को दिक्कतें होती हैं।
राइंका छत्यानी गरुड़ ब्लॉक का सुदूरवर्ती विद्यालय है। कालेज में वर्तमान में 150 छात्र छात्राएं पढ़ रहे हैं। गोमती घाटी के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह भंडारी ने बताया कि कॉलेज का 2014 में हाईस्कूल से इंटर में उच्चीकरण हुआ। सरकार ने आज तक यहां पर प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं की है। कॉलेज में वर्तमान में पांच प्रवक्ता और छह एलटी संवर्ग के शिक्षक हैं।
कक्षाएं पुराने भवन में चल रही हैं। विज्ञान प्रयोगशाला की उचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चे विज्ञान के प्रयोग नहीं कर पाते है। बच्चों के बैैठने के लिए कमरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकतर अभिभावक अपने पाल्यों को मैगड़ीस्टेट या फिर गरुड़ के स्कूलों में भेजने को मजबूर है।
विज्ञापन
कोट
राइंका छत्यानी में भवन निर्माण के संबंध में कई बार विधायक /कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, डीएम बागेश्वर से कह दिया है। शासन प्रशासन ने आज तक भवनों का निर्माण नहीं किया। हल्की बारिश में स्कूल की छत टपकने लगती है।
पुष्कर सिंह भंडारी, अध्यक्ष अभिभावक शिक्षक संघ, राइंका छत्यानी
कोट
प्रवक्ताओं और एलटी संवर्ग के रिक्त पदों को भरने और भवन निर्माण के संबंध में शासन प्रशासन को कई बार लिखा जा चुका है। स्कूल में कक्षाएं संचालित करने के लिए पर्याप्त कक्षों और खेलने के लिए मैदान की समुचित व्यवस्था नहीं है।
मदन पुरी, कार्यवाहक प्रधानाचार्य राइंका छत्यानी
कोट
राइंका छत्यानी में वर्तमान में जिस भवन में कक्षाएं संचालित हो रही है उसके जीर्णोद्धार की अति आवश्यकता है। नया भवन निर्माणाधीन है। कॉलेज के निष्प्रयोज्य भवनों के नीलामी के करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
-कमलेश्वरी मेहता, बीईओ, गरुड़
विज्ञापन
राइंका छत्यानी गरुड़ ब्लॉक का सुदूरवर्ती विद्यालय है। कालेज में वर्तमान में 150 छात्र छात्राएं पढ़ रहे हैं। गोमती घाटी के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन सिंह भंडारी ने बताया कि कॉलेज का 2014 में हाईस्कूल से इंटर में उच्चीकरण हुआ। सरकार ने आज तक यहां पर प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं की है। कॉलेज में वर्तमान में पांच प्रवक्ता और छह एलटी संवर्ग के शिक्षक हैं।
विज्ञापन
कक्षाएं पुराने भवन में चल रही हैं। विज्ञान प्रयोगशाला की उचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चे विज्ञान के प्रयोग नहीं कर पाते है। बच्चों के बैैठने के लिए कमरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण अधिकतर अभिभावक अपने पाल्यों को मैगड़ीस्टेट या फिर गरुड़ के स्कूलों में भेजने को मजबूर है।
विज्ञापन
कोट
राइंका छत्यानी में भवन निर्माण के संबंध में कई बार विधायक /कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास, डीएम बागेश्वर से कह दिया है। शासन प्रशासन ने आज तक भवनों का निर्माण नहीं किया। हल्की बारिश में स्कूल की छत टपकने लगती है।
पुष्कर सिंह भंडारी, अध्यक्ष अभिभावक शिक्षक संघ, राइंका छत्यानी
कोट
प्रवक्ताओं और एलटी संवर्ग के रिक्त पदों को भरने और भवन निर्माण के संबंध में शासन प्रशासन को कई बार लिखा जा चुका है। स्कूल में कक्षाएं संचालित करने के लिए पर्याप्त कक्षों और खेलने के लिए मैदान की समुचित व्यवस्था नहीं है।
मदन पुरी, कार्यवाहक प्रधानाचार्य राइंका छत्यानी
कोट
राइंका छत्यानी में वर्तमान में जिस भवन में कक्षाएं संचालित हो रही है उसके जीर्णोद्धार की अति आवश्यकता है। नया भवन निर्माणाधीन है। कॉलेज के निष्प्रयोज्य भवनों के नीलामी के करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
-कमलेश्वरी मेहता, बीईओ, गरुड़