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जिला अस्पताल में बच्चों को देखने वाला डाक्टर नहीं
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जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में लगा ताला।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ का तबादला होने के बाद पिछले 15 दिन से अस्पताल में एक भी बच्चा भर्ती नहीं हुआ है। अस्पताल के बच्चा वार्ड में ताला लटका हुआ है। बच्चों को अस्पताल दिखाने पहुंच रहे मरीजों को महिला अस्पताल की ओर दौड़ लगानी पड़ रही है।
मालूम हो ठंड के चलते इन दिनों बच्चों को निमोनिया, टाइफाइड के अलावा पेट संबंधी और अन्य दिक्कतें होती हैं। लेकिन जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश में होने और बीते दिनों उनका स्थानांतरण होने के बाद अस्पताल में बच्चों को देखने के लिए कोई डाक्टर मौजूद नहीं है। हालांकि अस्पताल में बच्चा वार्ड आठ बिस्तरों का है। लेकिन डाक्टर नहीं होने से वार्ड में ताला लटका हुआ है। अगर किसी बच्चे को कोई गंभीर बिमारी हुई तो जिला मुख्यालय में इलाज की सुविधा भी नहीं है। गंभीर हालत में बीमार बच्चों को यहां से 100 किमी दूर हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है। हालांकि ऐसी अवस्था में बच्चों को घर से अस्पताल लाने और छोड़ने के लिए जिले खुशियों की सवारी के चार वाहन हैं। इनमें एक महिला अस्पताल अल्मोड़ा, रानीखेत, चौखुटिया और धौलादेवी शामिल हैं। जबकि सरकारी पांच एंबुलेंस भी कार्यरत हैं। इनमें एक जिला अस्पताल, बेस अस्पताल, चौखुटिया, द्वाराहाट और भिकियासैंण में तैनात है।
इधर अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ 29 दिसंबर से अवकाश पर थे। बीते दिनों उनका स्थानांतरण हो गया है और शुक्रवार को उनको रिलीव भी कर दिया गया है। फिलहाल बच्चों को महिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ देख रहे हैं।
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मालूम हो ठंड के चलते इन दिनों बच्चों को निमोनिया, टाइफाइड के अलावा पेट संबंधी और अन्य दिक्कतें होती हैं। लेकिन जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश में होने और बीते दिनों उनका स्थानांतरण होने के बाद अस्पताल में बच्चों को देखने के लिए कोई डाक्टर मौजूद नहीं है। हालांकि अस्पताल में बच्चा वार्ड आठ बिस्तरों का है। लेकिन डाक्टर नहीं होने से वार्ड में ताला लटका हुआ है। अगर किसी बच्चे को कोई गंभीर बिमारी हुई तो जिला मुख्यालय में इलाज की सुविधा भी नहीं है। गंभीर हालत में बीमार बच्चों को यहां से 100 किमी दूर हल्द्वानी रेफर कर दिया जाता है। हालांकि ऐसी अवस्था में बच्चों को घर से अस्पताल लाने और छोड़ने के लिए जिले खुशियों की सवारी के चार वाहन हैं। इनमें एक महिला अस्पताल अल्मोड़ा, रानीखेत, चौखुटिया और धौलादेवी शामिल हैं। जबकि सरकारी पांच एंबुलेंस भी कार्यरत हैं। इनमें एक जिला अस्पताल, बेस अस्पताल, चौखुटिया, द्वाराहाट और भिकियासैंण में तैनात है।
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इधर अस्पताल के पीएमएस डॉ. प्रकाश वर्मा ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ 29 दिसंबर से अवकाश पर थे। बीते दिनों उनका स्थानांतरण हो गया है और शुक्रवार को उनको रिलीव भी कर दिया गया है। फिलहाल बच्चों को महिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ देख रहे हैं।
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