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जंतु विज्ञान, वन विज्ञान और जीआईएस में शुरू होंगे नए व्यावसायिक कोर्स: कुलपति
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एसएसजे परिसर के निरीक्षण करते सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी।
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनएस भंडारी ने एसएसजे परिसर के जंतु विज्ञान, वन विज्ञान और जीआईएस विभाग का निरीक्षण कर समीक्षा की। कुलपति भंडारी ने प्रत्येक विभागों को अकादमिक और परंपरागत विषयों के अलावा एक या दो व्यावसायिक कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार करके विवि को भेजने के निर्देश दिए, जिससे इन पाठ्यक्रमों का संचालन जल्द शुरू किया जा सके।
कुलपति ने जंतु विज्ञान विभाग के अंतर्गत डिप्लोमा एंड सर्टिफिकेट इन मोल्युकलर सेल, वन विज्ञान विभाग के अंतर्गत चार वर्षीय वानिकी स्नातक पाठ्यक्रम, प्लांटेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा व एमएससी और रिमोट साइंस विभाग के अंतर्गत जिओ स्पेशल साइंस में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट के नए पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा।
कुलपति प्रो भंडारी ने विभागों का निरीक्षण कर समीक्षा करते हुए विभाग में किए जा रहे शोध कार्यों और उसका लाभ समाज के साथ छात्र समुदाय को मिलने, शोध उपकरणों, संग्रहालय, भविष्य में की जाने वाली शोध परियोजनाओं, विभागों के उन्नयन, फैकल्टी, नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन, भवन के जीर्णोद्धार और शोधशाला के लिए डीपीआर बनवाने के बारे विचार विमर्श किया। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग भारत सरकार द्वारा अनुदानित उपकरणों और शोध परियोजनाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के बारे में विभागाध्यक्षों के साथ चर्चा की। इसके साथ ही विभागों की समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान करने की बात कही।
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कुलपति प्रो. भंडारी ने क्लीन कैंपस-ग्रीन कैंपस के तहत विभागों का सौंदर्यीकरण करने के लिए भी व्यापक कार्य योजना बनाने को कहा, ताकि परिसर के विभागों को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। इससे विवि को आदर्श रूप दिया जा सकेगा। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ विपिन जोशी, जंतु विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. इला बिष्ट, प्रो. जेएस रावत, प्रो. एके यादव, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. संदीप, डॉ. आरसी मौर्य, क्लीन कैंपस-ग्रीन कैंपस के संयोजक डॉ. नवीन भट्ट, अरविंद पांडेय, रवींद्र पाठक, विपिन जोशी, अरविंद कनवाल आदि मौजूद थे।
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कुलपति ने जंतु विज्ञान विभाग के अंतर्गत डिप्लोमा एंड सर्टिफिकेट इन मोल्युकलर सेल, वन विज्ञान विभाग के अंतर्गत चार वर्षीय वानिकी स्नातक पाठ्यक्रम, प्लांटेशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा व एमएससी और रिमोट साइंस विभाग के अंतर्गत जिओ स्पेशल साइंस में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट के नए पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा।
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कुलपति प्रो भंडारी ने विभागों का निरीक्षण कर समीक्षा करते हुए विभाग में किए जा रहे शोध कार्यों और उसका लाभ समाज के साथ छात्र समुदाय को मिलने, शोध उपकरणों, संग्रहालय, भविष्य में की जाने वाली शोध परियोजनाओं, विभागों के उन्नयन, फैकल्टी, नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन, भवन के जीर्णोद्धार और शोधशाला के लिए डीपीआर बनवाने के बारे विचार विमर्श किया। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विभाग भारत सरकार द्वारा अनुदानित उपकरणों और शोध परियोजनाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के बारे में विभागाध्यक्षों के साथ चर्चा की। इसके साथ ही विभागों की समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान करने की बात कही।
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कुलपति प्रो. भंडारी ने क्लीन कैंपस-ग्रीन कैंपस के तहत विभागों का सौंदर्यीकरण करने के लिए भी व्यापक कार्य योजना बनाने को कहा, ताकि परिसर के विभागों को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। इससे विवि को आदर्श रूप दिया जा सकेगा। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ विपिन जोशी, जंतु विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. इला बिष्ट, प्रो. जेएस रावत, प्रो. एके यादव, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. संदीप, डॉ. आरसी मौर्य, क्लीन कैंपस-ग्रीन कैंपस के संयोजक डॉ. नवीन भट्ट, अरविंद पांडेय, रवींद्र पाठक, विपिन जोशी, अरविंद कनवाल आदि मौजूद थे।