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Almora News: नव संवत्सर पिंगल में अतिवृष्टि की संभावना, देश की आर्थिक स्थिति रहेगी बेहतर
Tue, 21 Mar 2023 11:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 21 Mar 2023 11:54 PM IST
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ज्योतिष पंडित डॉ. नवीन चंद्र जोशी।
अल्मोड़ा। नव संवत्सर (हिंदू नव वर्ष) बुधवार से शुरू होगा। नव संवत्सर का नाम पिंगल है। इस वर्ष के राजा बुध है जबकि मंत्री शुक्र हैं। संवत्सर में अतिवृष्टि आदि की संभावनाएं बनी रहेगी। देश के लिए नव संवत्सर धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से शुभ रहेगा। देश की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वहीं पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ने की आशंका है।
ज्योतिष पंडित डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि पिंगल नाम के संवत्सर में अतिवृष्टि आदि की संभावनाएं बनी रहेगी। यह वर्ष मेष, सिंह और धनु राशि वालों को पैट जबकि मिथुन, तुला, कुंभ राशि वालों के लिए विषुवत संक्रांति अपैट रहेगी। धनिष्ठा शतभिषा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र वालों के लिए संक्रांति वाम पाद में रहेगी। ये शारीरिक कष्ट, अशांति और तनाव वाला होता है। इसकी शांति के लिए रुद्राभिषेक पाठ कर सकते हैं।
इस वर्ष बुध राजा हैं। ऐसे में पृथ्वी पर जल की अधिकता रहेगी और धन धान्य की समृद्धि बढ़ेगी। इस वर्ष के मंत्री शुक्र हैं जो शुभ कारक होंगे। डॉ. जोशी ने बताया कि नए संवत्सर में विश्व के पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ सकता है। समुद्री तट वाले देशों में दैवी आपदाएं आ सकती हैं। रोग और दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं। इस वर्ष मकर, कुंभ, मीन राशि में शनि की साढ़ेसाती जबकि कर्क वृश्चिक राशि में शनि की ढैया रहेगी।
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ज्योतिष पंडित डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि पिंगल नाम के संवत्सर में अतिवृष्टि आदि की संभावनाएं बनी रहेगी। यह वर्ष मेष, सिंह और धनु राशि वालों को पैट जबकि मिथुन, तुला, कुंभ राशि वालों के लिए विषुवत संक्रांति अपैट रहेगी। धनिष्ठा शतभिषा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र वालों के लिए संक्रांति वाम पाद में रहेगी। ये शारीरिक कष्ट, अशांति और तनाव वाला होता है। इसकी शांति के लिए रुद्राभिषेक पाठ कर सकते हैं।
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इस वर्ष बुध राजा हैं। ऐसे में पृथ्वी पर जल की अधिकता रहेगी और धन धान्य की समृद्धि बढ़ेगी। इस वर्ष के मंत्री शुक्र हैं जो शुभ कारक होंगे। डॉ. जोशी ने बताया कि नए संवत्सर में विश्व के पश्चिमी देशों में तनाव बढ़ सकता है। समुद्री तट वाले देशों में दैवी आपदाएं आ सकती हैं। रोग और दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं। इस वर्ष मकर, कुंभ, मीन राशि में शनि की साढ़ेसाती जबकि कर्क वृश्चिक राशि में शनि की ढैया रहेगी।
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