{"_id":"120d4087701371b1ecb55d5f890e771b","slug":"natya-akadami-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाट्य अकादमी नहीं खुली तो संसद उठेगा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाट्य अकादमी नहीं खुली तो संसद उठेगा मामला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Wed, 13 Jan 2016 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा ने कहा कि उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी के भवन का लोकार्पण हो जाने के बाद अब अकादमी तुरंत शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने नव निर्मित भवन में नाट्य अकादमी के अलावा कोई अन्य गतिविधियां चलाई तो इसका विरोध किया जाएगा और इस मामले को वह संसद में भी उठाएंगे।
श्री टम्टा ने कहा कि अल्मोड़ा नृत्य सम्राट उदयशंकर की कर्मभूमि रही है और उनकी स्मृति में 2002 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन के प्रयासों से अल्मोड़ा में उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी की नींव रखी गई। इसका शिलान्यास तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। इस संस्थान के निर्माण में केंद्र सरकार ने करोड़ों की धनराशि खर्च की है। करीब दो माह पूर्व प्रदेश सरकार ने इसका लोकार्पण भी कर दिया है, लेकिन अब तक नाट्य अकादमी शुरू नहीं हुई है। यह भी पता लगा है कि प्रदेश सरकार इस भवन में नाट्य अकादमी के स्थान पर कुछ अन्य गतिविधियां चलाने के प्रयास में है। इसे लेकर अल्मोड़ा के रंगकर्मियों और अन्य लोगों में काफी नाराजगी है।
श्री टम्टा ने कहा कि अल्मोड़ा राज्य की सांस्कृतिक राजधानी है। यहां उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी खुलने से सांस्कृतिक गतिविधियों को बल मिलेगा। अगर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय नाट्य अकादमी में कुछ अन्य गतिविधियां चलाने का निर्णय लिया तो इसका विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वह इस मामले को संसद में भी उठाएंगे।
विज्ञापन
श्री टम्टा ने कहा कि अल्मोड़ा नृत्य सम्राट उदयशंकर की कर्मभूमि रही है और उनकी स्मृति में 2002 में तत्कालीन केंद्रीय पर्यटन मंत्री जगमोहन के प्रयासों से अल्मोड़ा में उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी की नींव रखी गई। इसका शिलान्यास तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। इस संस्थान के निर्माण में केंद्र सरकार ने करोड़ों की धनराशि खर्च की है। करीब दो माह पूर्व प्रदेश सरकार ने इसका लोकार्पण भी कर दिया है, लेकिन अब तक नाट्य अकादमी शुरू नहीं हुई है। यह भी पता लगा है कि प्रदेश सरकार इस भवन में नाट्य अकादमी के स्थान पर कुछ अन्य गतिविधियां चलाने के प्रयास में है। इसे लेकर अल्मोड़ा के रंगकर्मियों और अन्य लोगों में काफी नाराजगी है।
विज्ञापन
श्री टम्टा ने कहा कि अल्मोड़ा राज्य की सांस्कृतिक राजधानी है। यहां उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी खुलने से सांस्कृतिक गतिविधियों को बल मिलेगा। अगर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय नाट्य अकादमी में कुछ अन्य गतिविधियां चलाने का निर्णय लिया तो इसका विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वह इस मामले को संसद में भी उठाएंगे।
विज्ञापन