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आज निकलेगी मां नंदा और सुनंदा की शोभायात्रा
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अल्मोड़ा के नंदादेवी मंदिर में दर्शन को पहुंचे डीएम नितिन सिंह भदौरिया।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। नंदादेवी मंदिर में बृहस्पतिवार को विधि विधान से नवमी पूजन हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर पूजा अर्चना की। शुक्रवार को शहर में मां नंदा और सुनंदा के डोले की शोभायात्रा निकलेगी। इसके साथ ही मेले का समापन होगा।
नंदाष्टमी पर बुधवार देर रात मां नंदा की तांत्रिक पूजा की गई। हर साल तांत्रिक पूजा में शामिल होने वाले चंद वंशज राजा केसी सिंह बाबा इस बार कोरोना के चलते पूजा में शामिल नहीं हुए। उनके पुत्र चंदवंशी युवराज नरेंद्र चंद सिंह ने पूजा की। यह पूजा राज पुरोहित नागेश पंत ने संपन्न कराई। पूजा कराने में उनके साथ पंडित तारा दत्त शास्त्री, लीलाधर जोशी, हरीश चंद्र जोशी आदि भी थे। यह पूजा तारा यंत्र के सामने होती है। बुधवार देर शाम डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने भी मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। यात्रा परंपरागत मार्गो से होते हुए दुगालखोला पहुंचेगी। जहां मूर्तियों को जलाशय मेें विसर्जित किया जाएगा। इसी के साथ मेले का भी समापन होगा।
कुमाऊं के अंतिम राजा आनंद सिंह की 134वीं जयंती मनाई
अल्मोड़ा। कुमाऊं के अंतिम राजा आनंद सिंह की 134वीं जयंती यहां जगदंबा दरबार डयोड़ीपोखर में मनाई गई। उनकी आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। राज पुरोहित नागेश चंद्र पंत ने राजा आनंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजा आनंद सिंह अल्मोड़ा के अंतिम राजा थे। वह समाजसेवी, ज्योतिष, वैध, साधू महात्माओं के प्रशंसक थे। वह 1921-23 तक कुमाऊं के एमएलसी रहे। कुमाऊं रेजीमेंट की स्थापना में कुमाऊं के नौ जवानों में उनका योगदान रहा। वह भविष्य दृष्टा भी थे। 25 मार्च 1938 को पंच तत्व में विलीन हो गए। कार्यक्रम में राजपुरोहित परिवार के नागेश चंद्र पंत, हरीश चंद्र पंत, दिनेश पंत, कार्तिकेय पंत, आदित्य पंत, पीयूष पांडे, हेमा पंत, विजया पंत, ज्योत्सना पंत, रक्षिका पंत, मौलश्री पंत, कल्पलता पंत, विवान पंत, दीपश्री पांडे आदि मौजूद थे। संवाद
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नंदाष्टमी पर बुधवार देर रात मां नंदा की तांत्रिक पूजा की गई। हर साल तांत्रिक पूजा में शामिल होने वाले चंद वंशज राजा केसी सिंह बाबा इस बार कोरोना के चलते पूजा में शामिल नहीं हुए। उनके पुत्र चंदवंशी युवराज नरेंद्र चंद सिंह ने पूजा की। यह पूजा राज पुरोहित नागेश पंत ने संपन्न कराई। पूजा कराने में उनके साथ पंडित तारा दत्त शास्त्री, लीलाधर जोशी, हरीश चंद्र जोशी आदि भी थे। यह पूजा तारा यंत्र के सामने होती है। बुधवार देर शाम डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने भी मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना की। यात्रा परंपरागत मार्गो से होते हुए दुगालखोला पहुंचेगी। जहां मूर्तियों को जलाशय मेें विसर्जित किया जाएगा। इसी के साथ मेले का भी समापन होगा।
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कुमाऊं के अंतिम राजा आनंद सिंह की 134वीं जयंती मनाई
अल्मोड़ा। कुमाऊं के अंतिम राजा आनंद सिंह की 134वीं जयंती यहां जगदंबा दरबार डयोड़ीपोखर में मनाई गई। उनकी आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। राज पुरोहित नागेश चंद्र पंत ने राजा आनंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजा आनंद सिंह अल्मोड़ा के अंतिम राजा थे। वह समाजसेवी, ज्योतिष, वैध, साधू महात्माओं के प्रशंसक थे। वह 1921-23 तक कुमाऊं के एमएलसी रहे। कुमाऊं रेजीमेंट की स्थापना में कुमाऊं के नौ जवानों में उनका योगदान रहा। वह भविष्य दृष्टा भी थे। 25 मार्च 1938 को पंच तत्व में विलीन हो गए। कार्यक्रम में राजपुरोहित परिवार के नागेश चंद्र पंत, हरीश चंद्र पंत, दिनेश पंत, कार्तिकेय पंत, आदित्य पंत, पीयूष पांडे, हेमा पंत, विजया पंत, ज्योत्सना पंत, रक्षिका पंत, मौलश्री पंत, कल्पलता पंत, विवान पंत, दीपश्री पांडे आदि मौजूद थे। संवाद
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