{"_id":"5f73759a8ebc3e9b7f06f1b0","slug":"mountains-ripped-in-the-name-of-road-construction-ranikhet-news-hld398712297","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क बनाने के नाम पर चीर डाला पहाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क बनाने के नाम पर चीर डाला पहाड़
विज्ञापन
मल्यालगांव में इस तरह से पहाड़ी को बनाया गया है स्लाइडिंग जोन। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के सुदूरवर्ती गोलूछीना-मुझोली-मल्यालगांव सड़क सुधारीकरण के नाम पर कई फुट अंदर तक वन भूमि में पहाड़ काटने की बात सामने आई है। सुदूरवर्ती क्षेत्र होने से इस घटना को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया। नायब तहसीलदार रानीखेत दिलीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सड़क सुधारीकरण का कार्य रामनगर की एबी कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। बताया जा रहा है कि मानकों को ताक पर रखकर पहाड़ियों को काटकर स्लाइडिंग जोन में तब्दील किया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों को भी इस अवैध खनन की भनक नहीं लगी। जागरूक ग्रामीण कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत की आशंका भी जता रहे हैं। पहाड़ियों के पत्थरों को सोलिंग कार्य में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है, बताया जा रहा है कि 50 फीट तक अवैध खनन किया गया है, जिससे यहां भविष्य में भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है। आपदा की दृष्टि से यह क्षेत्र पहले से संवेदनशील है। लोनिवि प्रांतीय खंड की एई राधिका देवी ने बताया कि प्रशासन की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। अगले निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
वन विभाग से खनन की नहीं ली थी अनुमति
रानीखेत। जागरूक ग्रामीणों ने बताया कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने के साथ पेड़ों का भी अवैध कटान किया गया है। डंपिंग जोन भी नहीं बनाया गया है। मलबा नालों में फेंका जा रहा है। अवैध खनन के बारे में वन विभाग को भी भनक नहीं है। वन क्षेत्राधिकारी बीएल आर्य ने बताया कि वन भूमि में खनन की अनुमति ठेकेदार ने नहीं ली है। मामले में जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
सड़क में खनन काफी अंदर तक किया गया है। कंपनी के जेई ने कहा कि वहां टर्निंग प्वाइंट बनना है। बुधवार को लोनिवि के जेई से रोड प्लान और अलाइनमैंट प्लान के बारे में जानकारी ली जाएगी। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई होगी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। -दिलीप सिंह, नायब तहसीलदार रानीखेत।
विज्ञापन
सड़क सुधारीकरण का कार्य रामनगर की एबी कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। बताया जा रहा है कि मानकों को ताक पर रखकर पहाड़ियों को काटकर स्लाइडिंग जोन में तब्दील किया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों को भी इस अवैध खनन की भनक नहीं लगी। जागरूक ग्रामीण कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत की आशंका भी जता रहे हैं। पहाड़ियों के पत्थरों को सोलिंग कार्य में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है, बताया जा रहा है कि 50 फीट तक अवैध खनन किया गया है, जिससे यहां भविष्य में भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है। आपदा की दृष्टि से यह क्षेत्र पहले से संवेदनशील है। लोनिवि प्रांतीय खंड की एई राधिका देवी ने बताया कि प्रशासन की टीम ने निरीक्षण कर लिया है। अगले निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन
वन विभाग से खनन की नहीं ली थी अनुमति
रानीखेत। जागरूक ग्रामीणों ने बताया कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन होने के साथ पेड़ों का भी अवैध कटान किया गया है। डंपिंग जोन भी नहीं बनाया गया है। मलबा नालों में फेंका जा रहा है। अवैध खनन के बारे में वन विभाग को भी भनक नहीं है। वन क्षेत्राधिकारी बीएल आर्य ने बताया कि वन भूमि में खनन की अनुमति ठेकेदार ने नहीं ली है। मामले में जांच के बाद कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
सड़क में खनन काफी अंदर तक किया गया है। कंपनी के जेई ने कहा कि वहां टर्निंग प्वाइंट बनना है। बुधवार को लोनिवि के जेई से रोड प्लान और अलाइनमैंट प्लान के बारे में जानकारी ली जाएगी। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई होगी। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। -दिलीप सिंह, नायब तहसीलदार रानीखेत।