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Almora News: एक दशक में 5000 से ज्यादा किसानों ने मिर्च की खेती से मोड़ा मुंह, जंगली जानवर चट कर जा रहे पौधे

Sat, 21 Dec 2024 02:24 PM IST
हीरा मेहरा रघुवीर पंत, संवाद
रघुवीर पंत, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 21 Dec 2024 02:24 PM IST
सार

अल्मोड़ा के भतरौंजखान के पास पिछले एक दशक में करीब 5000 से भी ज्यादा किसान खेती से मुंह मोड़ चुके हैं। इनमें से करीब 2000 से ज्यादा किसान परिवार सहित रोजगार की तलाश में शहरों में जाकर बस गए हैं।

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More than 5000 farmers turned away from chilli cultivation in almora
मिर्च

विस्तार

भतरौंजखान और आसपास के करीब 50 किलोमीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली मिर्च के पौधों तक को जंगली जानवर चट कर जा रहे हैं। नतीजतन, पिछले एक दशक में करीब 5000 से भी ज्यादा किसान खेती से मुंह मोड़ चुके हैं। इनमें से करीब 2000 से ज्यादा किसान परिवार सहित रोजगार की तलाश में शहरों में जाकर बस गए हैं।

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क्षेत्र के लोगों का दावा है कि अगर सरकार खेती को संरक्षण दे तो मिर्च का हरा-भरा कारोबार फिर से संरक्षित हो सकता है। भतरौंजखान और आसपास के इलाको में मिर्च की खेती बहुतायत होती है। इसकी खेती यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हुआ करती थी लेकिन बदलते हालात के कारण अब पहले जैसी स्थिति नहीं रही है। 

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दूर-दूर तक थी मिर्च की मांग
यहां की मिर्च की काशीपुर, रामनगर, रामपुर, स्वार, मुरादाबाद से कानपुर और इलाहाबाद तक काफी मांग है। बड़ी संख्या में थोक और फुटकर व्यापारी यहां पुराने समय से मिर्च खरीदने के लिए आते रहे हैं लेकिन पिछले एक दशक में हालात ऐसे बदले कि यहां मिर्च की पैदावार काफी कम हो गई।

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इन गांवों में बहुतायत में होती थी मिर्च
कोश्याकुटौली, धूराफाट, फल्दाकोट,सल्ट, सिलोर, हरड़ा, मछोड़, टानी, चौनलिया, स्यो, महरखोला, चन्द्रकोट, - वगड्वार, विनकोट, रीठा, तौराड, नौघर और च्यूनी।

मिर्च की मशहूर प्रजाति-लाल, पीली, जामीरी और लखौरी।

बोले किसान-

जंगली सुअर, मोर, नील गाय आदि जानवर मिर्च के पौधे को थोड़ा सा बड़ा होते ही नष्ट कर देते हैं। इस कारण हमारे गांव सहित आसपास के कई गांवों के लोगों ने इसकी खेती छोड़ दी है। सरकार जंगली जानवरों से निजात दिलाए तो मिर्च की खेती दोबारा लहलहा सकती है।
-गणेशी देवी, महिला किसान

मिर्च की खेती को वन्यजीवों के नष्ट कर देने से लोगों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। सरकार को चाहिए कि वह फसल का संरक्षण करे। ऐसा करने से जो लोग पलायन कर गए हैं वे लौट के आ सकते हैं।


- कृष्णानंद डोर्बी

इलाके में मिर्च का इतना ज्यादा उत्पादन होता था कि हफ्ते में भतरौंजखान में रामनगर रोड पर दो बड़ी मंडियां लगती थीं जिनमें हजारों की संख्या में विक्रेता और खरीदार आते थे लेकिन घटते उत्पादन की वजह से अब केवल एक बाजार शनिवार को लगता है।
- प्रदीप पंत, अध्यक्ष व्यापार मंडल, भतरौंजखान

मिर्च की खेती कम हो रही है और पलायन बढ़ रहा है। सरकार को चाहिए कि वह खेती को संरक्षित करके पलायन रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
-हरीश भट्ट, वरिष्ठ व्यापारी नेता

जंगली जानवरों की वजह से खेती को नुकसान पहुंचा है लेकिन अब राज्य सरकार सीएम पलायन रोको योजना के तहत खेती की योजना को संरक्षित कर रहा है। इच्छुक किसानों की खेती को बचाने के प्रयास जारी है।
- डॉ. नरेंद्र सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा

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