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सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Tue, 17 Jul 2018 10:57 PM IST
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बीडीसी बैठक का बहिष्कार करते सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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ताड़ीखेत बीडीसी बैठक जिला स्तरीय अधिकारियों के नहीं पहुंचने के कारण बहिष्कार की भेंट चढ़ गई। बैठक में ना तो जिलाधिकारी पहुंचे और न सीडीओ, डीडीओ। जिससे सदस्यों में आक्रोश छा गया, बैठक के औचित्य पर ही सवाल उठाते हुए एक-एक कर सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया। बैठक में मौजूद विधायक करन माहरा ने भी जिला स्तरीय अधिकारियों पर ताड़ीखेत विकासखंड के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया। अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई।
ब्लॉक प्रमुख रचना रावत की अध्यक्षता में जैसे ही बैठक शुरू हुई, जिला स्तरीय अधिकारियों को वहां न देख सदस्य भड़क गए। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। सदस्यों का कहना था कि सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी के बगैर बैठक का कोई औचित्य नहीं है और उन्होंने नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट करना शुरू कर दिया। कहा कि लंबे समय बाद बैठक हुई, उस पर भी अधिकारी नहीं पहुंच रहे। पिछले बैठकों में भी अधिकारी नहीं पहुंचे।
जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। तय हुआ कि 15 दिनों के भीतर बैठक होगी, यदि फिर भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो विरोध प्रदर्शन होगा। बैठक में विधायक करन माहरा, जिला पंचायत सदस्य अमित पांडे, प्रधान प्रदीप बिष्ट, लक्ष्मण सिंह नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना, परियोजना प्रबंधक नरेश कुमार, ज्येष्ट प्रमुख प्रेम सिंह, कनिष्ट प्रमुख अंबादत्त सहित भारी संख्या में सदस्य मौजूद थेे।
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अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास
रानीखेत। बीडीसी बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के नहीं पहुंचने से आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। पिछली तीन बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों की सूची तैयार की गई। सदस्यों ने कहा कि आगामी बैठक में यदि अधिकारी नहीं पहुंचे तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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ब्लॉक प्रमुख रचना रावत की अध्यक्षता में जैसे ही बैठक शुरू हुई, जिला स्तरीय अधिकारियों को वहां न देख सदस्य भड़क गए। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। सदस्यों का कहना था कि सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी के बगैर बैठक का कोई औचित्य नहीं है और उन्होंने नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट करना शुरू कर दिया। कहा कि लंबे समय बाद बैठक हुई, उस पर भी अधिकारी नहीं पहुंच रहे। पिछले बैठकों में भी अधिकारी नहीं पहुंचे।
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जिस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। तय हुआ कि 15 दिनों के भीतर बैठक होगी, यदि फिर भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो विरोध प्रदर्शन होगा। बैठक में विधायक करन माहरा, जिला पंचायत सदस्य अमित पांडे, प्रधान प्रदीप बिष्ट, लक्ष्मण सिंह नेगी, संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना, परियोजना प्रबंधक नरेश कुमार, ज्येष्ट प्रमुख प्रेम सिंह, कनिष्ट प्रमुख अंबादत्त सहित भारी संख्या में सदस्य मौजूद थेे।
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अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास
रानीखेत। बीडीसी बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के नहीं पहुंचने से आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। पिछली तीन बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों की सूची तैयार की गई। सदस्यों ने कहा कि आगामी बैठक में यदि अधिकारी नहीं पहुंचे तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।