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सीएम धामी सीएम की हैसियत से नहीं भाजपा हाईकमान के रिमोट कंट्रोल के तर्ज में काम करने को मजबूर
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बैजनाथ में आयोजित उक्रांद के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मौजूद नेता। संवाद
- फोटो : GARUD
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गरुड़ (बागेश्वर)। उक्रांद का दो दिनी प्रांतीय चिंतन शिविर बैजनाथ में शुरू हो गया है। शिविर के पहले दिन राज्य की ज्वलंत समस्याओं, राज्य की दशा, दिशा, जल, जंगल, जमीन आदि मुद्दों पर गहन चिंतन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के हर काम के लिए भाजपा हाईकमान से मिलने के बाद ही निर्णय ले रहे हैं। इससे लगता है कि सरकार का रिमोट कंट्रोल भाजपा कार्यालय दिल्ली में है।
उद्घाटन सत्र में उक्रांद के वरिष्ठ नेता और बागेश्वर जिले के प्रभारी ब्रह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार राज्य के विकास के लिए छोटे से काम के लिए निर्णय लेने के लिए छह साल से केंद्रीय हाईकमान के दरवाजे में दस्तक देने के लिए मजबूर है। इन हालात में राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है। डालाकोटी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में राज्य का विकास ठहर सा गया है। भाजपा के सात साल के शासनकाल में राज्य की कानून व्यवस्था पंगु हो गई है।
सही नेतृत्व न होने के कारण भाजपा पहले के पांच साल के शासनकाल में कई मुख्यमंत्री बदलने के लिए मजबूर हो गई थी। भाजपा ने इस बार का विधानसभा चुनाव सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लड़ा। खटीमा की जनता ने उन्हें ही हरा दिया। इसके बावजूद भाजपा ने चुनाव में हारे व्यक्ति को सीएम बनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की। शिविर में अंकिता हत्याकांड, बेरोजगारी, महंगाई आदि मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उक्रांद नेता राज्य आंदोलनकारी पूरन रावत ने संचालन किया।
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शिविर में जिलाध्यक्ष हीराबल्लभ भट्ट, उक्रांद के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट डीके जोशी, भुवन कांडपाल, रमेश पांडे कृषक, उक्रांद स्टूडेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध काला, राजेंद्र थायत, विनोद पांडे, कमल पंत, महेश पांडे, मोहन सिंह बिष्ट आदि ने विचार रखे।
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उद्घाटन सत्र में उक्रांद के वरिष्ठ नेता और बागेश्वर जिले के प्रभारी ब्रह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार राज्य के विकास के लिए छोटे से काम के लिए निर्णय लेने के लिए छह साल से केंद्रीय हाईकमान के दरवाजे में दस्तक देने के लिए मजबूर है। इन हालात में राज्य का विकास प्रभावित हो रहा है। डालाकोटी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में राज्य का विकास ठहर सा गया है। भाजपा के सात साल के शासनकाल में राज्य की कानून व्यवस्था पंगु हो गई है।
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सही नेतृत्व न होने के कारण भाजपा पहले के पांच साल के शासनकाल में कई मुख्यमंत्री बदलने के लिए मजबूर हो गई थी। भाजपा ने इस बार का विधानसभा चुनाव सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लड़ा। खटीमा की जनता ने उन्हें ही हरा दिया। इसके बावजूद भाजपा ने चुनाव में हारे व्यक्ति को सीएम बनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की। शिविर में अंकिता हत्याकांड, बेरोजगारी, महंगाई आदि मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उक्रांद नेता राज्य आंदोलनकारी पूरन रावत ने संचालन किया।
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शिविर में जिलाध्यक्ष हीराबल्लभ भट्ट, उक्रांद के विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट डीके जोशी, भुवन कांडपाल, रमेश पांडे कृषक, उक्रांद स्टूडेंट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध काला, राजेंद्र थायत, विनोद पांडे, कमल पंत, महेश पांडे, मोहन सिंह बिष्ट आदि ने विचार रखे।