अल्मोड़ा। भैसोड़ी पंचायत घर में शुक्रवार को ग्राम प्रधान संगठन ताकुला बसौली की बैठक हुई। इसमें शासन, प्रशासन पर ताकुला बसौली क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाया गया। वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा योजना के विकास कार्यों के न तो समय से आगणन बनाए जा रहे हैं और न ही एमबी की जा रही है। इस पर आक्रोश व्यक्त किया गया।
प्रधानों ने कहा कि विकासखंड में मनरेगा योजना के तहत दो जेई रखे गए हैं। एक अभियंता समय पर काम निपटा रहे हैं लेकिन दूसरे अभियंता सहयोग नहीं दे रहे हैं। प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण पॉलीटेक्निक ताकुला बंदी के कगार पर है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ताकुला के भवन के निर्माण को 10 वर्ष हो गए हैं, लेकिन अस्पताल को सीएचसी का दर्जा नहीं मिल पाया है। बसौली नाई-ढौल मार्ग में सालों बाद भी पुल नहीं बन पाया है। केंद्रीय वित्त की राशि में की गई कटौती वापस लाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि कई बार पत्राचार करने के बाद भी ब्लॉक मुख्यालय को इंटरनेट से जोड़ने की व्यवस्था नहीं की गई और न ही ब्लॉक मुख्यालय को सड़क से जोड़ा गया है। ब्लॉक में कर्मचारी भी कम हैं। चेतावनी दी गई कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो प्रधान संगठन ताकुला बसौली ब्लॉक मुख्यालय में तालाबंदी कर आंदोलन किया जाएगा। प्रधान संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने अध्यक्षता की। बैठक में उपाध्यक्ष भगवत सिंह कार्की, कोषाध्यक्ष दीप नारायण भाकुनी समेत अमखोली, लोहना, चुराड़ी, भेटुली, पाटिया, नाईढौल, भैसोड़ी, भटगांव, सुनोली के प्रधानों ने भाग लिया।