{"_id":"5bb8faee867a55686330f38b","slug":"martyr-state-agitators-do-not-get-justice-unfortunate","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद राज्य आंदोलनकारियों को न्याय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद राज्य आंदोलनकारियों को न्याय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
पत्रकार वार्ता करते देव-भूमि सिविल सोसायटी के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर कांड के खलनायकों को दंडित करने और राज्य की अवधारणा को साकार करने के लिए रामपुर तिराहे से दो अक्तूबर को शुरू हुई देवभूमि सिविल सोसायटी की न्याय यात्रा के सदस्यों ने कहा कि शहीदों के हत्यारों को आज तक सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य बनने के बाद प्रदेश भ्रष्टाचार युक्त राज्य बन गया है। जो शहीद हुए उनको न्याय नहीं मिला है। राज्य सरकार के पास आंदोलन से जुड़ी पत्रावली तक नहीं है। न्याय यात्रा के सदस्यों ने यात्रा के माध्यम से सरकार पर दवाब बनाने, यात्रा पूरी होने पर राज्यपाल को ज्ञापन देने और राज्य आंदोलन के समय हुई ज्यादतियों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने फर्जी राज्य आंदोलनकारियों के मसले पर सरकार से इसकी सीबीसीआईडी जांच की भी मांग की है।
अल्मोड़ा में पत्रकार वार्ता करते हुए न्याय यात्रा के संयोजक जेपी बडोनी ने कहा कि पृथक राज्य के लिए जिन्होंने बलिदान दिया उनको आज तक न्याय नहीं मिला। राज्य आंदोलन से जुड़ी पत्रावली तक गायब कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के गलत चिन्हिकरण किए गए हैं। संगठन ने सरकार पर दवाब बनाने के लिए यात्रा शुरू की है। उन्होंने कहा कि संगठन की कोशिश है कि जिन शहरों में लोग राज्य आंदोलन के लिए शहीद हुए हैं वहां शहीद स्मारकों का निर्माण किया जाए। इसके लिए 14 अक्तूबर को राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि न्याय यात्रा के माध्यम से उत्तरांखड को जगाने का काम किया जा रहा है। इससे पूर्व शुक्रवार शाम अल्मोड़ा पहुंचने पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। वार्ता के दौरान चंद्रशेखर भट्ट, स्वामी विनोद महाराज, रेखा धस्माना, सीपी शर्मा, आनंदी वर्मा, गोपाल राम, वंदना कोहली, उलोवा के पूरन चंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
अल्मोड़ा में पत्रकार वार्ता करते हुए न्याय यात्रा के संयोजक जेपी बडोनी ने कहा कि पृथक राज्य के लिए जिन्होंने बलिदान दिया उनको आज तक न्याय नहीं मिला। राज्य आंदोलन से जुड़ी पत्रावली तक गायब कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के गलत चिन्हिकरण किए गए हैं। संगठन ने सरकार पर दवाब बनाने के लिए यात्रा शुरू की है। उन्होंने कहा कि संगठन की कोशिश है कि जिन शहरों में लोग राज्य आंदोलन के लिए शहीद हुए हैं वहां शहीद स्मारकों का निर्माण किया जाए। इसके लिए 14 अक्तूबर को राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि न्याय यात्रा के माध्यम से उत्तरांखड को जगाने का काम किया जा रहा है। इससे पूर्व शुक्रवार शाम अल्मोड़ा पहुंचने पर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। वार्ता के दौरान चंद्रशेखर भट्ट, स्वामी विनोद महाराज, रेखा धस्माना, सीपी शर्मा, आनंदी वर्मा, गोपाल राम, वंदना कोहली, उलोवा के पूरन चंद्र तिवारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन