अल्मोड़ा। नगर के विभिन्न जन संगठनों, व्यापार मंडल और अन्य संस्थाओं से जुड़े लोगों ने एसडीएम सीमा विश्वकर्मा के माध्यम से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कलक्ट्रेट के ऐतिहासिक मल्ला महल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को हस्तगत करते हुए इसका संरक्षण विभाग के विशेषज्ञों के निर्देशन में कराने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह एक एतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर है। यहां रामशिला मंदिर और गोरखाकालीन दुर्ग आदि भी हैं। कलक्ट्रेट कार्यालय के पांडेखोला स्थानांतरित होने पर इस परिसर को पुरातात्विक और एतिहासिक विरासत के रूप में विकसित किया जाना चाहिए लेकिन वर्तमान में वहां चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर न तो जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिया गया है और न ही समिति में पुरातत्व व इतिहास के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया कि यह कार्य अवैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कार्य को रोककर इसकी गुणवत्ता और तकनीक की भी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही इसमें खर्च किए जा ररहे बजट व विशेषज्ञों के नाम घोषित करने और यहां उच्च स्तरीय राज्य संग्रहालय स्थापित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह, उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, एसएसजे परिसर में इतिहास के विभागाध्यक्ष प्रो. वीडीएस नेगी, दयाकृष्ण कांडपाल, पूरन चंद्र तिवारी, त्रिलोचन जोशी, जंग बहादुर थापा, सुनीता पांडे, हेम चंद्र जोशी, आशा रावत, प्रफुल्ल पंत, हयात सिंह रावत, सचिन आर्या, कृष्ण सिंह बिष्ट आदि शामिल थे।