फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Maintenance of lines made a challenge due to personnel taking VRS

बीएसएनएल में 80 कर्मचारियों अधिकारियों के वीआरएस लेने से लाइनों के रखरखाव पर पड़ रहा है असर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2020 10:42 PM IST
विज्ञापन
Maintenance of lines made a challenge due to personnel taking VRS
अल्मोड़ा। बीएसएनएल प्रबंधन द्वारा शुरू की गई योजना के तहत कुछ माह पहले करीब 65 प्रतिशत कर्मचारियों और अधिकारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली थी। पहले बीएसएनएल अल्मोड़ा के अंतर्गत पहाड़ के चार जिलों 127 कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत थे, वीआरएस लेने के बाद इनकी संख्या अब सिर्फ 47 रह गई है। इससे रखरखाव आदि के कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। इसका असर नेटवर्क पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन

बता दें कि उच्च स्तर पर लिए गए फैसलों के बाद बीएसएनएल के बजट में लगातार कटौती की जा रही है। नए कार्यों के लिए भी धन नहीं आ रहा है। फोर-जी स्पेक्ट्रम नहीं मिल पाने के कारण कई कार्यों के लिए बीएसएनएल अन्य कंपनियों का मुकाबला नहीं कर पाता है। खर्चों में कटौती के चलते ही कुछ माह पहले 50 साल से अधिक की आयु वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को वीआरएस का विकल्प दिया गया। इसके चलते अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में तैनात 127 कर्मचारी और अधिकारी में से 80 अधिकारियों और कर्मचारियों ने वीआरएस ले लिया।
विज्ञापन

वर्तमान में यहां 24 अधिकारी और 23 कर्मचारी तैनात हैं। स्टाफ की कमी का सीधा असर बीएसएनएल की लाइनों के रखरखाव सहित अन्य कार्यों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आए दिन बीएसएनएल के नेटवर्क में भी दिक्कतें रहती हैं। बीएसएनएल अल्मोड़ा के महाप्रबंधक एके गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में लाइनों का रखरखाव आदि कार्य ठेके पर करवाया जा रहा है। भविष्य में यह कार्य आउट सोर्स कर्मियों के माध्यम से करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की कमी के बावजूद सेवाओं को बेहतर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चीन से उपकरण खरीदने पर लगी रोक से भी रखरखाव पर पड़ा है असर
अल्मोड़ा। जब से सरकार ने चीन से आने वाले सामान का कम से कम उपयोग करने के निर्देश दिए हैं तब से बीएसएनएल में कई जरूरी उपकरणों का अभाव हो गया है। बताया जा रहा है कि बीएसएनएल में मोबाइल टावरों के रखरखाव आदि से जुड़े कई उपकरण पहले चीन से खरीदे जाते थे, क्योंकि चीन की कंपनियां अन्य कंपनियों के मुकाबले यह सामान 20 से 30 प्रतिशत सस्ती दरों पर उपलब्ध करातीं थी। इधर हाल में सरकार ने चीनी कंपनियों के टेंडर डालने पर रोक लगा रखी है, जिससे पिछले कुछ समय से इन उपकरणों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इससे भी बीएसएनएल में रखरखाव के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही जरूरत के मुताबिक उपकरण मिल जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed