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मैग्नेसाइट उद्योग में गंदगी के कारण पैदा हुए डेंगू मच्छर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/अल्मोड़ा।
Updated Sat, 19 Sep 2015 10:29 PM IST
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काफलीगैर निवासी युवक की डेंगू बुखार से मौत होने के बाद सीएमओ डा. जेसी मंडल ने क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने इलाके में स्वच्छता बनाए रखने की हिदायत दी। सीएमओ ने बताया कि वहां मैग्नेसाइट उद्योग के परिसर में गंदे पानी के कारण डेंगू के मच्छर पैदा हो गए थे। और यहीं से राजेंद्र को बीमारी पैदा हुई।
काफलीगैर निवासी 37 वर्षीय राजेंद्र सिंह नगरकोटी को बुखार आने के बाद हल्द्वानी भेजा गया जहां परीक्षण में डेंगू की पुष्टि हुई। राजेंद्र सिंह की डेंगू के कारण मृत्यु हो गई। सीएमओ डा. जेसी मंडल ऐपिडैमियोलाजिस्ट डा. केसी पंाडे और अन्य कर्मचारियों के साथ शनिवार की सुबह काफलीगैर गए। यहां मृतक के घर पर जाकर उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। घर के बाहर नल के पास एकत्र पानी का निस्तारण कराया और सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह ग्रामीणों को दी।
बाद में वह झिरोली मैग्नेसाइट गए, जहां राजेंद्र सिंह काम करते थे। सीएमओ ने उद्योग के परिसर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। वहां कुछ ड्रमों और अन्य स्थानों पर पुराना पानी एकत्र था, जिनमें मच्छर पैदा हो रहे थे। सीएमओ ने पुराने गंदे पानी का कर्मचारियों की मदद से निस्तारित कराया। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वहां गंदे पानी सहित किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं होने दें, जिनसे मच्छर पैदा होते हैं। वहां से लौटने के बाद सीएमओ ने बताया कि मैग्नेसाइट उद्योग के परिसर में गंदे पानी में पैदा हुए मच्छर ऐडिस मच्छर थे, इन्हें डेंगू मच्छर कहा जाता है। मच्छर पैदा होने बाद उनके अंडे और लारवा भी तैयार भी हो चुके थे। जिससे डेंगू मच्छरों की तादात तेजी से बढती। अब इन्हें नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र सिंह को डेंगू बुखार यहीं पैदा हुआ।
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काफलीगैर निवासी 37 वर्षीय राजेंद्र सिंह नगरकोटी को बुखार आने के बाद हल्द्वानी भेजा गया जहां परीक्षण में डेंगू की पुष्टि हुई। राजेंद्र सिंह की डेंगू के कारण मृत्यु हो गई। सीएमओ डा. जेसी मंडल ऐपिडैमियोलाजिस्ट डा. केसी पंाडे और अन्य कर्मचारियों के साथ शनिवार की सुबह काफलीगैर गए। यहां मृतक के घर पर जाकर उन्होंने सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। घर के बाहर नल के पास एकत्र पानी का निस्तारण कराया और सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह ग्रामीणों को दी।
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बाद में वह झिरोली मैग्नेसाइट गए, जहां राजेंद्र सिंह काम करते थे। सीएमओ ने उद्योग के परिसर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। वहां कुछ ड्रमों और अन्य स्थानों पर पुराना पानी एकत्र था, जिनमें मच्छर पैदा हो रहे थे। सीएमओ ने पुराने गंदे पानी का कर्मचारियों की मदद से निस्तारित कराया। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वहां गंदे पानी सहित किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं होने दें, जिनसे मच्छर पैदा होते हैं। वहां से लौटने के बाद सीएमओ ने बताया कि मैग्नेसाइट उद्योग के परिसर में गंदे पानी में पैदा हुए मच्छर ऐडिस मच्छर थे, इन्हें डेंगू मच्छर कहा जाता है। मच्छर पैदा होने बाद उनके अंडे और लारवा भी तैयार भी हो चुके थे। जिससे डेंगू मच्छरों की तादात तेजी से बढती। अब इन्हें नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राजेंद्र सिंह को डेंगू बुखार यहीं पैदा हुआ।
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