{"_id":"5aca00e04f1c1b6d6b8b45ee","slug":"life-of-dedication-dedicated-to-water-accumulation","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संचय को समर्पित वीरवानी का जीवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संचय को समर्पित वीरवानी का जीवन
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:02 PM IST
विज्ञापन
गधोली में पानी संचय को खाल खुदवाते रामचंद वीरवानी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यसभा के निदेशक पद से सेवानिवृत्त दिल्ली के द्वारिका निवासी रामचंद वीरवानी ने उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में अपने खर्च पर खाल बनवाने के बाद चौखुटिया अंतर्गत जौरासी के कूनाखाल में भी चालीस हजार लीटर क्षमता के खाल का निर्माण कार्य पूरा कर दिया है।
विज्ञापन
वीरवानी ने अमर उजाला से हुई बातचीत में बताया कि चार बाई साढ़े पांच मीटर चौड़े खाल की गहराई दो मीटर है जिसमें चालीस हजार लीटर पानी जमा हो सकता है। बताया कि खाल से निकली मिट्टी मिट्टी से स्टॉप डैम बनाया गया है जो पहाड़ में ऊपर से आने वाले पानी को रोकेगा।
विज्ञापन
बताया कि खाल निर्माण में सात दिन लगे। जिसमें सात स्थानीय ग्रामीणों ने कार्य किया। जिन्हें साढे़ तीन सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया गया।
गौरतलब है कि जल संचय और जल संरक्षण को समर्पित वीरवानी उत्तराखंड सहित विभिन्न प्रदेश में अपने खर्च पर कई खाल बना चुके हैं अकेले द्वाराहाट में ही वे चालीस खाल बनवा चुके हैं।
विज्ञापन