फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Life imprisonment for husband, wife in attempt to murder, minor rape

नाबालिग पत्नी से दुष्कर्म, हत्या की  कोशिश में पति, चालक को उम्रकैद

Fri, 10 May 2019 12:18 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Fri, 10 May 2019 12:18 AM IST
विज्ञापन
Life imprisonment for husband, wife in attempt to murder, minor rape
प्रतीकात्मक - फोटो : AMAR UJALA
 विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने नाबालिग पत्नी के साथ दुराचार और हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी पति सूरज पाल पुत्र ब्रह्मपाल निवासी खोड़ा कालोनी प्रताप बिहार गाजियाबाद (उप्र) और चालक सोहन सिंह बिष्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों को क्रमश: तीस हजार और बीस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। फैसले के अनुसार पति को अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा। 
विज्ञापन


पीड़िता की शादी 13 वर्ष की उम्र में 27 अगस्त 2018 को घर वालों की मर्जी से सूरज पाल निवासी खोड़ा कालोनी प्रताप बिहार गाजियाबाद (उप्र)  के साथ सपोली मंदिर में हुई थी। शादी के बाद दोनों खोड़ा कालोनी में किराये के मकान में रहेे। कुछ दिन बाद सूरज पाल उसे वैष्णो देवी मंदिर घुमाने के बहाने गाड़ी बुक कर सल्ट (अल्मोड़ा) ले आया। पति और चालक सोहन सिंह बिष्ट ने गाड़ी रोककर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जान से मारने की नीयत से मरचूला से आगे करीब बीस फुट गहरी खाई में फेंक गए। घटना 14 अक्तूबर 2018 की है। एक कार सवार ने उसे खाई से निकाला। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया और दोनों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में हुआ। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गिरीश चंद्र फुलारा, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र नैल्वाल, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी ने नौ गवाह न्यायालय में परीक्षित कराए और प्रभावी पैरवी की।
विज्ञापन


न्यायालय ने आरोपी पति सूरज पाल को धारा 376 (2) में आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 307/34 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 366 (क) में दस साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि  चालक सोहन सिंह बिष्ट को धारा 307/34 में 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 376(2) में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। न्यायालय ने अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को दिए जाने के भी आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed