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लेप्रोसी मिशन के कुष्ठ रोगियों ने किया चुनाव बहिष्कार
Thu, 11 Apr 2019 11:55 PM IST
दीपक नेगी
अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा।
Published by: दीपक नेगी
Updated Thu, 11 Apr 2019 11:55 PM IST
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बंद पड़ा लैप्रोसी अस्पताल करबला (अल्मोड़ा) का गेट।
- फोटो : amar ujala
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सरकारी उपेक्षा के चलते लेप्रोसी मिशन करबला के 30 कुष्ठ रोगियों ने चुनाव का बहिष्कार किया। वह सरकार और जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही उपेक्षा से खिन्न हैं। समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला के समझाने पर भी वह नहीं माने।
गत दिवस लेप्रोसी मिशन के कुष्ठ रोगियों ने बुधवार को मतदान करने पर सहमति जताई थी और गुरुवार को 8:30 बजे मालगांव स्थित बूथ पर वोट देने जाने की बात कही थी। पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जेसी दुर्गापाल, चंद्रमणि भट्ट और सतीश जोशी लेप्रोसी मिशन करबला पहुंचे तो वहां गेट पर ताला लटका हुआ था। इसके बाद किसी व्यक्ति को अस्पताल के भीतर भेजा गया और वहां रह रहे रोगियों से मतदान के लिए चलने को कहा गया, लेकिन उन्होंने वोट डालने से इंकार कर दिया। रोगियों का कहना था कि सरकार द्वारा अस्पताल की उपेक्षा की जा रही है और वह जीवन यापन के लिए भीख मांगने को मजबूर हैं।
डॉ. दुर्गापाल ने इसकी सूचना समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला को दी। उन्होंने कार्मिकों को अस्पताल के भीतर भेजा। रोगियों ने कार्मिकों को खूब खरीखोटी सुनाई। रोगी वोट देने पर सहमत नहीं हुए और उन्होंने वोट देने से इंकार कर दिया।
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गत दिवस लेप्रोसी मिशन के कुष्ठ रोगियों ने बुधवार को मतदान करने पर सहमति जताई थी और गुरुवार को 8:30 बजे मालगांव स्थित बूथ पर वोट देने जाने की बात कही थी। पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जेसी दुर्गापाल, चंद्रमणि भट्ट और सतीश जोशी लेप्रोसी मिशन करबला पहुंचे तो वहां गेट पर ताला लटका हुआ था। इसके बाद किसी व्यक्ति को अस्पताल के भीतर भेजा गया और वहां रह रहे रोगियों से मतदान के लिए चलने को कहा गया, लेकिन उन्होंने वोट डालने से इंकार कर दिया। रोगियों का कहना था कि सरकार द्वारा अस्पताल की उपेक्षा की जा रही है और वह जीवन यापन के लिए भीख मांगने को मजबूर हैं।
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डॉ. दुर्गापाल ने इसकी सूचना समाज कल्याण अधिकारी जगमोहन कफोला को दी। उन्होंने कार्मिकों को अस्पताल के भीतर भेजा। रोगियों ने कार्मिकों को खूब खरीखोटी सुनाई। रोगी वोट देने पर सहमत नहीं हुए और उन्होंने वोट देने से इंकार कर दिया।
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