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Almora News: फलसीमा गांव में पिंजरे में फंसा तेंदुआ
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संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। अल्माेड़ा में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की दहाड़ से लोग दहशत में हैं। बीते चार महीने से अब तक जिले में नौ तेंदुए पिंजरे में कैद हो चुके हैं।
अब फलसीमा गांव में एक नर तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ। बावजूद इसके आबादी क्षेत्रों में तेंदुओं की सक्रियता कम नहीं हो रही है।
जिला मुख्यालय से समीप फसलीमा गांव में तेंदुए की सक्रियता बढ़ने से लोग दहशत में थे। रविवार को सुबह करीब चार बजे गांव में लगाए गए पिंजरे में आखिरकार तेंदुआ फंस गया।
सुबह उजाला होने पर लोगों ने जब तेंदुए को पिंजरे में फंसा देखा तो राहत की सांस ली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तेंदुए को अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर भेजा दिया है।
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रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया कि पिंजरे में फंसा तेंदुए नर है। इसकी उम्र चार से पांच वर्ष के बीच है। जहां तेंदुए के स्वास्थ्य की जांच कर उसे एक दो दिन निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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अल्मोड़ा। अल्माेड़ा में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की दहाड़ से लोग दहशत में हैं। बीते चार महीने से अब तक जिले में नौ तेंदुए पिंजरे में कैद हो चुके हैं।
अब फलसीमा गांव में एक नर तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ। बावजूद इसके आबादी क्षेत्रों में तेंदुओं की सक्रियता कम नहीं हो रही है।
जिला मुख्यालय से समीप फसलीमा गांव में तेंदुए की सक्रियता बढ़ने से लोग दहशत में थे। रविवार को सुबह करीब चार बजे गांव में लगाए गए पिंजरे में आखिरकार तेंदुआ फंस गया।
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सुबह उजाला होने पर लोगों ने जब तेंदुए को पिंजरे में फंसा देखा तो राहत की सांस ली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तेंदुए को अल्मोड़ा रेस्क्यू सेंटर भेजा दिया है।
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रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया कि पिंजरे में फंसा तेंदुए नर है। इसकी उम्र चार से पांच वर्ष के बीच है। जहां तेंदुए के स्वास्थ्य की जांच कर उसे एक दो दिन निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।