{"_id":"5a0c62c14f1c1b69678bbb20","slug":"leopard-death-due-to-natural-causes","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राकृतिक कारणों से हुई तेंदुए की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राकृतिक कारणों से हुई तेंदुए की मौत
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:22 PM IST
विज्ञापन
तेंदुआ
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काफलीखान के पास कुछ दिन पूर्व मारे गए तेंदुए की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। इसके अनुसार तेंदुए की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। इधर वन विभाग के डीएफओ आरसी शर्मा ने तेंदुए की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन कर एक माह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
रेंज के वन क्षेत्राधिकारी मनोज सनवाल ने बताया कि डाक्टरों ने संभावना जताई है कि जंगल में किसी जगह चोट लगने के बाद तेंदुए के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों ने काम करना बंद कर दिया होगा। हार्ट और लीवर के काम बंद करने के कारण ही उसकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने तेंदुए की गोली मारकर हत्या करने की बात खारिज की है।
विज्ञापन
तेंदुए को गोली लगने के निशान नहीं मिले हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मृत तेंदुआ करीब तीन साल का था। वन विभाग के आठ से दस लोगों की टीम तेंदुए की खाल और नाखून निकालने वालों को पकड़ने की कोशिश में लगी है। मालूम हो कि नौ नवंबर को एक तेंदुए की सिर कटी लाश मिली थी। उसकी खाल और नाखून भी गायब थे।
विज्ञापन
वन संरक्षक उत्तरी वृत्त कुमाऊं डॉ. आईपी सिंह ने इस संबंध में जांच के आदेश दे दिए थे। डीएफओ आरसी शर्मा ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच टीम भी गठित कर दी गई है। टीम को तेंदुए की खाल और नाखून गायब होने के मामले की जांच कर एक माह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।