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कोसी बैराज निर्माण कार्य की हो जांच : टम्टा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:14 AM IST
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केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि 34 करोड़ की लागत के कोसी बैराज का श्रेय क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ले रहे हैं जबकि बैराज बनने के बावजूद जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। टम्टा ने कहा कि बैराज निर्माण में दो करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बाकी 32 करोड़ का बंटवारा हुआ है। उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और राज्य सरकार से 32 करोड़ रुपये का हिसाब मांगा। इसकी जांच की भी मांग की।
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सर्किट हाउस में टम्टा ने पत्रकारों को बताया कि पूरे देश में कपड़ा उद्योग से साढ़े चार करोड़ परिवार जुड़े हैं। इससे करीब 20 करोड़ लोगों की आजीविका चलती है। केंद्र सरकार ने बुनकरों के हित में कई कदम उठाए हैं। हाल ही में पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। बुनकरों के बच्चों को शिक्षा दिलाने में केंद्र सरकार मदद करेगा। बैंकों से सब्सिडी पर लोन दिला उद्योग स्थापित करने में मदद की जाएगी।
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राज्य में रेशम, हैंडलूम, उच्च हिमालयी क्षेत्र में उत्पादित ऊन से रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। क्लस्टर बनाकर लोगों को टेक्सटाइल की आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वह बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार कर सकें। उत्तराखंड राज्य रेशम उत्पादन के क्षेत्र में अव्वल है। यहां रेशम उद्योग के साथ ही हैंडलूम, उच्च हिमालयी क्षेत्र में उत्पादित होने वाले ऊन उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा।
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उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि जीबी पंत पर्यावरण संस्थान को उच्च हिमालयी संस्थान का दर्जा देकर केंद्र ने 100 करोड़ रुपये दिए हैं। केंद्र से विकास को मिले के पैसे का राज्य की कांग्रेस जमकर दुरुपयोग कर रही है। इसी कारण कोसी बैराज बनाने में 10 फीसदी राशि का भी सदुपयोग नहीं हो सका। आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार लुटेरों की सरकार बन गई है। जनता कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने का मन बना चुकी है।