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जिले में कीवी उत्पादन से बढ़ेगी काश्तकारों की आय
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अल्मोड़ा। उद्यान विभाग जिले में चालू वित्तीय वर्ष में पांच हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के बगीचे विकसित करेगा। विभाग ताकुला ब्लाक के भैसोड़ी और हवालबाग विकासखंड के शीतलाखेत उद्यान में कीवी के पौधों का मदर ब्लॉक विकसित किया है। वर्तमान में जिले में करीब 10 हेक्टेयर क्षेत्र में किसान कीवी का उत्पादन करते हैं।
कीवी उत्पादन के लिए जिले की जलवायु उपयुक्त है। इसके लिए 4500 फिट की ऊंचाई और 20 से 20 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। खास बात यह है कि कीवी के फलों को बंदर भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। इससे कीवी की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। कीवी का प्रति किलो बाजार मूल्य 150 रुपये से दो सौ रुपये तक मिल जाता है। जिन क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है वहां के किसानों के लिए कीवी की खेती उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में मददगार होगी।
वर्तमान में द्वाराहाट, ताड़ीखेत, धौलादेवी विकासखंड में किसान कीवी की खेती के लिए आगे आए हैं। विभाग अब तक 10 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के बगीचे विकसित कर चुका है। कीवी की बेलों के सपोट के लिए लोहे की एंगिल लगाने के लिए विभाग हॉल्टीकल्चर मिशन के तहत पचास फीसदी अनुदान भी उपलब्ध कराता है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पांच हेक्टेयर क्षेत्र में 1540 कीवी के पौधों का रोपण करेगा। जनवरी माह में कीवी के पौधों का रोपण होता है। तीन साल में कीवी के पौधे फल देने लगते हैं।
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............इंसेट...........
भैसोड़ी और शीतलाखेत में कीवी के मदर ब्लाक स्थापित किए गए हैं। यहां मदर ब्लाक के पौधों की कटिंग से नर्सरी तैयार की जा रही है। पौधों का रोपण जनवरी माह में विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।
टीएन पांडे, मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा।
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कीवी उत्पादन के लिए जिले की जलवायु उपयुक्त है। इसके लिए 4500 फिट की ऊंचाई और 20 से 20 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। खास बात यह है कि कीवी के फलों को बंदर भी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। इससे कीवी की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। कीवी का प्रति किलो बाजार मूल्य 150 रुपये से दो सौ रुपये तक मिल जाता है। जिन क्षेत्रों में बंदरों का आतंक है वहां के किसानों के लिए कीवी की खेती उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में मददगार होगी।
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वर्तमान में द्वाराहाट, ताड़ीखेत, धौलादेवी विकासखंड में किसान कीवी की खेती के लिए आगे आए हैं। विभाग अब तक 10 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी के बगीचे विकसित कर चुका है। कीवी की बेलों के सपोट के लिए लोहे की एंगिल लगाने के लिए विभाग हॉल्टीकल्चर मिशन के तहत पचास फीसदी अनुदान भी उपलब्ध कराता है। चालू वित्तीय वर्ष में विभाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पांच हेक्टेयर क्षेत्र में 1540 कीवी के पौधों का रोपण करेगा। जनवरी माह में कीवी के पौधों का रोपण होता है। तीन साल में कीवी के पौधे फल देने लगते हैं।
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भैसोड़ी और शीतलाखेत में कीवी के मदर ब्लाक स्थापित किए गए हैं। यहां मदर ब्लाक के पौधों की कटिंग से नर्सरी तैयार की जा रही है। पौधों का रोपण जनवरी माह में विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।
टीएन पांडे, मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा।