फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Kakrighat: Revenue and regular police were involved in retrieving the body from the river for 7 hours.

काकड़ीघाट: नदी से शव निकालने में 7 घंटे तक उलझी रही राजस्व और रेगुलर पुलिस

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:56 PM IST
विज्ञापन
Kakrighat: Revenue and regular police were involved in retrieving the body from the river for 7 hours.
रानीखेत (अल्मोड़ा)। काकड़ीघाट क्षेत्र में कोसी नदी से खष्टी देवी (42) निवासी सुनियाकोट का शव निकालने में शनिवार को प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नदी से शव निकालने के लिए राजस्व और रेगुलर पुलिस अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के लिए करीब सात घंटे तक उलझी रही। इससे नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में जिला पंचायत सदस्य निशा कनवाल ने कमिश्नर को मामले की जानकारी दी जिसके बाद पुलिस ने शव निकालकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए रानीखेत अस्पताल भेजा।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों पहले खष्टी देवी लापता थी और शनिवार को उसका शव कोसी नदी में मिलने की सूचना मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि नदी से शव निकालने के लिए दोनों विभाग के अधिकारी तय करने में लगे रहे। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन

प्रदर्शनकारियों में ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह परिहार, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि गोपाल सिंह कनवाल, पूरन सिंह, कैलाश सिंह जलाल, देव सिंह, चंदन सिंह मेहरा, दीवान सिंह, हिम्मत सिंह, रूप सिंह, पान सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या बोले लोग
घटना की सूचना के बाद भी घंटों तक दोनों विभाग के कर्मचारी सीमा क्षेत्र उलझे रहे। संवेदनशील मामलों में अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। मामले की जानकारी कुमाऊं आयुक्त को दी गई जिससे कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। - निशा कनवाल, जिला पंचायत सदस्य

- ग्रामीण लगातार नदी से शव निकालने की मांग कर रहे थे लेकिन दोनों विभागों के अधिकारियों की ओर से जिम्मेदारी तय करने में ही काफी समय निकल गया। ऐसी परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की जरूरत होती है। देरी से लोगों का प्रशासन पर भरोसा प्रभावित होता है। - राजेंद्र सिंह परिहार, ग्राम प्रधान सुनियाकोट
- मौके पर दोनों विभाग के कर्मचारी मौजूद थे फिर भी नदी से शव निकालने में देरी हो गई। यदि समय रहते पहल की जाती तो ग्रामीणों में इतना आक्रोश नहीं होता। प्रशासन को ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनानी चाहिए। - गोपाल सिंह कनवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि

- ग्रामीण कई घंटे तक मौके पर खड़े रहे रहे। लोगों को यह समझ नहीं आया कि जब अधिकारी मौके पर मौजूद थे तो उन्हें नदी से शव निकालने और पंचनामा व पोस्टमार्टम कराने के लिए निर्णय लेने में इतनी देर क्यों हुई। - चंदन सिंह मेहरा, ग्रामीण
- यह केवल एक प्रशासनिक मामला नहीं बल्कि मानवीय संवेदना से जुड़ा विषय था। अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। - कैलाश सिंह जलाल, ग्रामीण

कोट

पुलिस टीम ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही चलेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों से भी जानकारी ले रही है। बलवंत रावत, सीओ, अल्मोड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed